Kidney Failure: किडनी शरीर के बेहद खास अंगों में से एक है। यह शरीर की गंदगी को छानकर बाहर निकालने का काम करती है। अगर किडनी काम करना बंद कर दे तो इसका असर पूरी बॉडी पर पड़ता है। किडनी सारे विषाक्त पदार्थों को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है। देश में बहुत से लोग किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैँ। बहुत से लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनकी किडनी में समस्या हो रही है। इसीलिए इसे साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। हालांकि किडनी खराब होने के पहले कुछ संकेत जरूर मिलते हैं। जिन्हें कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
किडनी खराब होने के लक्षण इतने हल्के होते हैं कि ज्यादातर लोगों को बीमारी के बढऩे तक कोई अतंर महसूस नहीं होता। जब चोट लगने , हाई ब्लड प्रेशर या फिर डायबिटीज के कारण किडनी डैमेज हो जाती हैं, तो यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को फिल्टर नहीं कर पाती है। जिससे शरीर में जहर बनने लगता है।
किडनी खराब होने पर इन लक्षणों को कभी न करें इग्नोर
किडनी खराब होने पर बार-बार पेशाब की समस्या होना
अगर बार-बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है तो यह किडनी की बीमारी के संकेत है। क्योंकि इस तरह की बीमारी में किडनी के फिल्टर खराब हो जाते हैं। जिससे पेशाब करने की इच्छा बार-बार होती है। कई बार पुरुषों में यूरिनरी इंफेक्शन या बढ़े हुए प्रोस्टेट भी इसका संकेत हो सकता है।
किडनी खराब होने पर थकावट महसूस हो सकती है
अचानक से चलते-चलते या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान थकावट महसूस होने लगे तो समझ जाएं कि किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही है। किडनी में विषाक्त प्रद्वार्थों के जमावट के कारण ऐसा हो सकता है। किडनी की बीमारी में एनीमिया की कमी के कारण भी हमारे शरीर में थकान और कमजोरी आने लगती है।
किडनी खराब होने पर त्वचा में सूखापन और खुजली की समस्या हो सकती है
त्वचा में सूखापन और खुजली भी किडनी की बीमारी के मुख्य संकेत है। ऐसा तब होता है जब किडनी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर नहीं निकाल पाती है। ये विषाक्त पदार्थ ब्लड में जमा होने लगते हैं। जिससे त्वचा में खुजली, सूखेपन के साथ दुर्गंध आने लगती है।
किडनी खराब होने से भूख में कमी आना
शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमा होने से भूख में कमी आने लगती है। जिससे वजन घटने लगता है। कम भूख का एक अन्य कारण सुबह जल्दी मतली और उल्टी भी हो सकती है। इस कारण व्यक्ति को हर समय पेट भरा हुआ महसूस होता है। कुछ खाने का मन नहीं करता। यह किडनी खराब होने का खतरनाक संकेत है। जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता।