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Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार, जिससे देश भक्ति की जलती रही लौ

Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उन्हें जवाहर लाल नेहरू के बाद देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था। उनका कार्यकाल 1964 से 1966 तक रहा। वो अपनी सादगी और दृढ़ता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने देश को जय किसान जय जवान का नारा दिया। शास्त्री जी का जीवन संघर्षों से भरा रहा

Jitendra Singhअपडेटेड Oct 02, 2023 पर 11:50 AM
Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार, जिससे देश भक्ति की जलती रही लौ
Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने राजनीति में रहकर भी कई आदर्श पेश किए।

Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री जी आजाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था। गांधी जयंती के साथ ही इस दिन शास्त्री जी की भी जयंती मनाई जाती है। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का आदर्शपूर्ण उदाहरण है। जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद जब देश को एक नए प्रधानमंत्री की जरूरत थी। तब लाल बहादुर शास्त्री का नाम सामने आया। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभालते हुए अपना कर्तव्य बखूबी निभाया। लाल बहादुर शास्त्री जी ऐसे प्रधानमंत्री थे। जिन्होंने देश को जय जवान, जय किसान का नारा दिया। इसे राष्ट्रीय नारा कहा जाता है।

भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले लाल बहादुर शास्त्री ने भारत सरकार के साथ कई अहम पदों पर काम किया। लाल बहादुर शास्त्री जी ने प्रधानमंत्री के पद के अलावा रेलवे, परिवहन मंत्री, वाणिज्य और उद्योग मंत्री के रूप में काम किया है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया।

लाल बहादुर शास्त्री जीवन परिचय

लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्रता सेनानी के साथ ही भारतीय राजनेता भी थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 02 अक्टूबर 1904 में हुआ। सिर्फ 1.5 साल की उम्र में उनके सिर से पिता का साया उठ गया। ननिहाल में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। 16 साल की उम्र में उन्होंने देश की आजादी की जंग में शामिल होने के लिए अपनी पढ़ाई भी छोड़ दी। जब वे 17 साल के थे, तब स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 11 जनवरी 1966 को रहस्यमयी तरीके से उनकी मौत हो गई। उनके रहस्यमयी मौत की कहानी भी अब तक रहस्य बनी हुई है। कहा जाता है कि, दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई। वहीं यह भी कहा जाता है कि, उन्हें जहर देकर मारा गया था।

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