Maharashtra: अब सुपर मार्केट और आस-पड़ोस की दुकानों में बिकेगी शराब, उद्धव सरकार ने लिया फैसला

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि किसानों की अतिरिक्त इनकम बढ़ाने वाली फल आधारित शराब उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अब सुपरमार्केट और बड़े स्टोर में भी शराब बेची जा सकेगी

अपडेटेड Jan 28, 2022 पर 9:05 AM
महाराष्ट्र में अब सुपरमार्केट में बेची जा सकेगी शराब

महाराष्ट्र कैबिनेट (Maharashtra Cabinet) ने सुपरमार्केट (supermarkets) और आस-पड़ोस की दुकानों में शराब (wine) बेचने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया है। विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party -BJP) ने निंदा करते हुए कहा है कि सरकार शराब को बढ़ावा दे रही है। कौशल विकास मंत्री (Minister for Skill Development) नवाब मलिक (Nawab Malik ) का कहना है कि किसानों को अतिरिक्त इनकम बढ़ाने वाली फल आधारित शराब उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister's Office) के एक बयान में कहा गया है कि सुपरमार्केट और वॉक-इन स्टोर (आस-पड़ोस की दुकानों) में अलग स्टॉल ("shelf-in-shop) व्यवस्था अपनाई जाएगी। जिनका एरिया 100 वर्गमीटर या इससे अधिक हो। उन्हीं दुकानों को शराब बेचने की अनुमति दी जाएगी, जो महाराष्ट्र की दुकान और प्रतिष्ठान कानून (Maharashtra Shops and Establishments Act) के तहत रजिस्टर्ड हैं।

हालांकि जो सुपरमार्केट मंदिर, पूजा स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक हैं, उनको शराब बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा जिन जिलों में शराबबंदी लागू है, वहां शराब बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं शराब बेचने के लिए सुपरमार्केट को 5,000 रुपये लाइसेंस फीस देना होगा। यह फीस सालाना होगी। इससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। राज्य में करीब 4 दर्जन जगहों पर शराब बनाई (wineries) जाती है। सबसे ज्यादा नासिक जिले में हैं। भारत में बनाई जाने वाली 80 फीसदी शराब नासिक में ही बनती है। इसके अलावा अहमदनगर, सांगली, पुणे, सोलापुर, और बुलढाणा जैसे अन्य जिलों में छोटी वाइनरी हैं।

Night Curfew: ओमीक्रोन के चलते महाराष्ट्र सरकार ने 9 घंटों का लगाया नाइट कर्फ्यू, शादियों में 100 से अधिक लोगों के आने पर रोक


वहीं इस पूरे मामले में राज्य के पूर्व सीएम और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है और कहा है कि हम महाराष्ट्र को मद्य-राष्ट्र नहीं बनने देंगे। महा विकास अघाड़ी सरकार ने महामारी के दो साल के दौरान लोगों की मदद नहीं की है, लेकिन इसकी प्राथमिकता शराब की बिक्री को बढ़ावा देना है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।