ममता कुलकर्णी ₹10 करोड़ देकर बनी थीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर? खुद बताई सच्चाई

Mamta Kulkarni News: किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पद पर नियुक्ति के बाद ममता कुलकर्णी को उनके फिल्मी करियर और आपराधिक इतिहास के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इससे अखाड़े के भीतर मतभेद पैदा हो गए। बाद उन्हें महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि महामंडलेश्वर बनने के लिए ममता कुलकर्णी ने 10 करोड़ रुपये दिए थे

अपडेटेड Feb 02, 2025 पर 6:46 PM
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Mamta Kulkarni News: किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पद से हाल ही में हटाई गईं ममता कुलकर्णी चर्चा में हैं

Mamta Kulkarni News: हाल ही में किन्नर अखाड़े ने आंतरिक तनाव के कारण पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी और आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया। किन्नर अखाड़े के कथित संस्थापक ऋषि अजय दास ने आपत्ति जताते हुए किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर त्रिपाठी और कुलकर्णी को पदमुक्त करने की घोषणा की थी। अजय दास ने कहा कि त्रिपाठी ने सनातन धर्म और देश हित को दरकिनार करके देशद्रोह जैसे मामले में लिप्त ममता कुलकर्णी को अखाड़े की परंपरा का अनुपालन किए बगैर सीधे महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक कर दिया।

ममता कुलकर्णी की नियुक्ति को उनके फिल्मी करियर और आपराधिक इतिहास के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इससे अखाड़े के भीतर मतभेद पैदा हो गए। इस फैसले से समुदाय के भीतर एक नई बहस छिड़ गई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि महामंडलेश्वर बनने के लिए ममता कुलकर्णी ने 10 करोड़ रुपये दिए थे। अब खुद ममता ने इस आरोपों अपनी चुप्पी तोड़ी है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल उनके बैंक अकाउंट में कितने पैसे हैं।

हाल ही में 'आप की अदालत' में पत्रकार रजत शर्मा से बातचीत में ममता ने महामंडलेश्वर बनने के लिए 10 करोड़ रुपये देने की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि उनके पास 1 करोड़ रुपये भी नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बैंक खाते फ्रीज हैं। उन्हें नियुक्ति के समय अपने गुरु को दक्षिणा देने के लिए 2 लाख रुपये किसी से उधार लेने पड़े थे।


ममता ने आगे बताया कि उनके तीन अपार्टमेंट खराब हालत में हैं। उनमें दीमक लग गए हैं। ममता ने बताया कि वह विदेश में रह रही थीं। इसकी वजह से लंबे समय से उनके अपार्टमेंट में कोई नहीं गया, तो वह खराब हो गए हैं। वित्तीय हालत खराब होने के कारण 23 सालों से उन्हें खोला नहीं गया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सीबीआई के एक अधिकारी ने प्रमोशन पाने के लिए उनका नाम एक मामले में जोड़ा था। लेकिन बाद में उन्हें मामले से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने भी अंततः मामले को खारिज कर दिया।

जब उनसे महामंडलेश्वर बनने की यात्रा के दौरान वेदों और शास्त्रों के अध्ययन के बारे में पूछा गया, तो ममता कुलकर्णी ने जोर से मंत्र पढ़कर सबको सुनाया। उन्होंने सीधे सवाल का जवाब तो नहीं दिया, बल्कि इस तरह से अपने आध्यात्मिक पक्ष का प्रदर्शन किया।

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24 जनवरी को किन्नर अखाड़े में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि, किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और अन्य किन्नर महामंडलेश्वरों की उपस्थिति में ममता कुलकर्णी सहित 6 नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक किया गया था। ममता कुलकर्णी को नया नाम 'यमाई ममता नंद गिरि' दिया गया था। हालांकि, अब उन्हें पद से हटा दिया है।

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