Man Spends 6 Hours in Office Toilet: ऑफिस में काम के दौरान ब्रेक लेना आम बात है। लंच, नाश्ता के लिए ब्रेक भी मिलता है। इसके अलावा शरीर को आराम देने के लिए भी आमतौर पर कर्मचारी कुछ समय का ब्रेक ले लेते हैं। लेकिन अगर कोई कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान 6 घंटे तक टॉयलेट (Toilet) में ही गुजारता है तो फिर बॉस का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ना लाजमी है। कुछ ही ऐसा ही मामला चीन में सामने आया है। यहां एक शख्स ऑफिस में काम के दौरान टॉयलेट में 6 घंटे बिता रहा था। ऐसे में इस शख्स को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
अपने को निर्दोष साबित करने के लिए इस शख्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन वहां भी उसे फटाकरा मिली। चीनी अदालतों ने कंपनी का ही पक्ष लिया। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है यह पूरा माजरा?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (South China Morning Post) में छपी खबर के मुताबिक शख्स की पहचान वांग (Wang) वांग ने अप्रैल 2006 में कंपनी में बतौर कर्मचारी ज्वाइन किया। साल 2013 तक वो कॉन्ट्रैक्ट पर काम करता रहा। दिसंबर 2014 में उसे पाचन तत्र में कुछ समस्या हुई। जिसके लिए इलाज की जरूरत थी। उसने इलाज कराया। इससे वो ठीक हो गया। लेकिन वांग जोर देकर कह रहा था कि उसे दिक्कत हो रही है। ऐसे में वो जुलाई 2015 से दिन में 3 से 6 घंटे तक टॉयलेट ब्रेक पर रहता था।
कंपनी ने बताया टॉयलेट में कितना बिताया समय
कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2015 में 7 से 17 सितंबर के बीच वांग ने एक शिफ्ट में दो से तीन बार ऑफिस टॉयलेट का इस्तेमाल किया। इस दौरान वांग ने कुल 22 बार टॉयलेट गया। कंपनी ने टॉयलेट में बैठने का समय भी बताया है। कंपनी का कहना है कि वांग टॉयलेट में रोजाना 47 मिनट से लेकर 196 मिनट तक रहता था।
कर्मचारी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
इसके बाद कंपनी ने 23 सितंबर 2015 को उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया। इसके बाद वांग ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने अपील की कि उसे नौकरी पर वापस रखा जाए। लेकिन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद भी वांग को नैकरी नहीं मिल सकी। वहां भी जज ने कंपनी के फैसले को सही ठहराते हुए वांग को फटकार लगा दी। जज ने कहा कि 4 घंटे टॉयलेट में बैठे किसी भी तरीके से सही नहीं ठहराया जा सकता है। जज ने ये भी कहा कि उसका टर्मिनेशन सही और कानून के हिसाब से सही है।
सोशल मीडिया में छाया मामला
अब यह मामला सोशल मीडिया में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। इस पर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स की बौछार कर रहे हैं। एक यूजर का कहना है कि बीमार होना सहानुभूति का पात्र है, लेकिन इसका बहाना नहीं बनाना चाहिए। वहीं, दूसरे ने हैरान होकर लिखा है, कोई कर्मचारी आठ घंटे की शिफ्ट में चार घंटे टॉयलेट में ही बिताए। ऐसा कौन सी कंपनी बर्दाश्त करेगी। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि ऐसा लगता है कि उसे टॉयलेट जाने के ही पैसे मिलते थे।