कहते हैं जहां चाह है वहां राह है। दिल्ली-NCR की सड़कों में फर्राटे भर रहे प्रदीप को भी देश की रक्षा के लिए कुछ ऐसा जुनून सवार है कि वो अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर दिन 10 किमी दौड़ते हैं। आधी रात को जब फिल्म निर्माता विनोद कापड़ी (Vinod Kapri) नोएडा में गाड़ी से जा रहे थे, तो उन्होंने एक युवक को पीठ पर बैग लादे हुए दौड़ते हुए देखा।
