अभी तक आपने इंसानों को झूठ बोलते हुए देखा है। झूठ बोलने वाले लोगो को ही आमतौर पर लोग ‘झूठा’ कहते हैं। लेकिन बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में एक ऐसा सांप मिला है। जिसे देखकर लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। इस सांप को ‘झूठा सांप’ के नाम से जाना जाता है। इसे मॉक वाइपर कहा जाता है। यह नारंगी रंग का होता है। इसकी लंबाई 2 फीट रहती है। बेहद कम जहरीला होने की वजह से यह सांप अपने दुश्मनों को एक डरावनी आवाज से डराता है।
कहा जाता है कि VTR में ऐसे सांप बहुत ज्यादा पाए जाते हैं, लेकिन दिखाई कम देते हैं। यहां सांपों की करीब 45 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें कई बेहद जहरीले और खतरनाक हैं तो वहीं कई खतरनाक दिखने के बावजूद जहरीले नहीं होते हैं। गैर जहरीले सांपों के काटने से इंसान मरता नहीं है। बल्कि उसे उल्टी या चक्कर आ सकते हैं।
मॉक वाइपर को ‘झूठा सांप’ क्यों कहते हैं ?
जानकारों का कहना है कि मॉक वाइपर सांप एशिया में बड़े पैमाने पर पाए जाते हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी मॉक वाइपर सांप काफी संख्या में हैं। ये कभी कभार ही लोगों को नजर आते हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक छलावा यानी झूठा सांप है। कहने का मतलब ये हुआ कि यह अन्य जहरीले और खतरनाक वाइपर प्रजाति के सांपों की तरह ही रिएक्ट करते हैं। खुद को बचाने के लिए यह सांप ऐसा करते हैं। इसलिए इन सांपों को आमतौर पर झूठा सांप भी कहा जाता है। यह सांप जंगल और झाड़ियों के बीच में रहना पसंद करता है। जंगल से बाहर कम ही निकलते हैं। VTR में कई तरह के वाइपर सांप पाए जाते हैं।
मॉक वाइरर फुर्ती से करता है वार
इनमें रसेल वाइपर, नाक-सींग वाला वाइपर, पिट वाइपर भी शामिल हैं, जो बेहद जहरीले होते हैं। वहीं, मॉक वाइपर जहरीला नहीं होता है, लेकिन वार काफी फुर्ती से करता है।