मुंबई-नागपुर समृद्धि हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क पर गिरे लोहे के बोर्ड से 50 से ज्यादा वाहनों के टायर पंक्चर हो गए। घटना रात करीब 10 बजे की है। 29 दिसंबर को वाशिम जिले में मालेगांव और वनोजा टोल प्लाजा के बीच, चार पहिया गाड़ी और मालवाहक ट्रक शामिल थे। इससे फ्रीवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
इसके अलावा, गाड़ियां रात भर सड़क पर फंसी रहीं, क्योंकि लंबे समय तक कोई मदद नहीं पहुंची। बोर्ड गिरने के मामले की जांच चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अनजाने में गिरा या दुर्भावनापूर्वक फेंका गया है।
यह ऐसे समय में आया है, जब हाई-स्पीड कॉरिडोर की सुरक्षा पर सवाल उठाया जा रहा है। जून में जालना जिले के कडवांची गांव के पास एक घातक दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए।
इस तरह की दुर्घटनाओं ने सड़क पर चलने वाली गाड़ियों और यात्रियों के लिए बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं।
समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र में 701 किलोमीटर का छह-लेन मोटरवे है, जो केवल आधा चालू है। यह देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट में से एक है, जो राज्य के तीसरे सबसे बड़े शहर नागपुर को मुंबई से जोड़ता है। इसकी निर्माण लागत 55,000 करोड़ रुपए थी।
2025 में NHAI गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर देगा ध्यान
वहीं देश में पिछले 10 सालों में रिकॉर्ड 56,700 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का निर्माण करने के बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर ध्यान देगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, संचालन और रखरखाव का जिम्मा है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2013-14 में 0.91 लाख किलोमीटर से अब बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर हो गई है।
नवनियुक्त राजमार्ग सचिव वी. उमाशंकर ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई बैठकें की हैं।