मशहूर रियलिटी शो 'बिग बॉस 17 (Bigg Boss 17 winner)' का टाइटल जीतने वाले विवादास्पद स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में मुनव्वर फारूकी के खिलाफ 2021 में दर्ज एक मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश पुलिस ने अभी तक मामले में चार्जशीट दायर नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस विवादास्पद मामले में मुनव्वर फारुकी की अंतरिम जमानत को चुनौती दे सकती है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, तुकोगंज पुलिस स्टेशन अपनी चार्जशीट में फारुकी की जमानत को चुनौती दे सकता है। तुकोगंज पुलिस थाना प्रभारी जीतेंद्र सिंह यादव ने पीटीआई को बताया, ''मामले में हमारी जांच जारी है और चार्जशीट अभी तक अदालत में दाखिल नहीं किया गया है।'' कथित तौर पर चार्जशीट दाखिल करने में देरी मध्य प्रदेश राज्य सरकार की लंबित अनुमति के कारण हुई है। एक बार यह अनुमति मिल जाने के बाद, आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) आदेश के अनुसार आरोप पत्र दायर किया जाएगा।
पुलिस ने सरकार से मांगी इजाजत
अभियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने 29 जनवरी 2021 को राज्य सरकार को पत्र लिखकर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295-A (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत चार्जशीट दायर करने की अनुमति मांगी थी। फारूकी और 4 अन्य को इस मामले में 1 जनवरी 2021 की रात इंदौर के एक कैफे से गिरफ्तार किया गया था।
37 दिन जेल में रहे थे कॉमेडियन
इंदौर में उनके एक शो के दौरान धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कॉमेडियन को 37 दिनों तक जेल में रहना पड़ा लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। शीर्ष अदालत के आदेश पर उन्हें 6 फरवरी 2021 को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। बाद में उसी साल नवंबर में उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्होंने स्टैंड-अप कॉमेडी छोड़ दी है। उस समय, कॉमेडियन ने एक बयान जारी किया था और आरोप लगाया था कि बर्बरता की धमकियों के कारण केवल दो महीनों में उनके 12 शो रद्द कर दिए गए थे।
बीजेपी नेता ने की है शिकायत
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के आधार पर तुकोगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन विभाग के अधिकारी ने कहा कि चार्जशीट दायर करने के लिए आवश्यक अनुमति का इंतजार है। हालांकि इंदौर पुलिस ने 29 जनवरी, 2021 को राज्य सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा था। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
अधिकारी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के प्रावधानों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 295-A के तहत दर्ज मामले में आरोप पत्र दायर करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है। उन्होंने हाल ही में रियलिटी टीवी शो 'बिग बॉस' का 17वां संस्करण जीता है। 2022 में, वह एक और रियलिटी शो 'लॉक-अप' के पहले संस्करण के विजेता बने थे।