ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के कांटापल्ली गांव से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। एक जंगली हाथी ने कच्चे घर पर सो रही दो बहनों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में 12 वर्षीय सामिया मुंडा और 3 वर्षीय चांदनी मुंडा शामिल हैं। यह घटना बोनाई वन प्रभाग के तमाडा रेंज में हुई। अधिकारियों के अनुसार, हाथी ने घर का एक हिस्सा गिरा दिया। जिससे परिवार के अन्य सदस्य तो बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन बच्चियां अंदर ही फंसी रह गईं। इसके बाद हाथी ने उन्हें कुचल दिया। कहा जा रहा है कि हाथी अपने झिंड से बिछड़ गया है। यह अभी भी पूरे इलाके में खुला घूम रहा है।
उसके गले में रेडियो कॉलर लगा है, लेकिन नेटवर्क की कमी के कारण उसे ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। वन विभाग ने हाथी पर नजर रखते हुए इसे काबू में लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सोते हुए बच्चियों पर हमला
यह घटना सुंदरगढ़ जिले के कांटापल्ली गांव में बोनाई वन प्रभाग के तमाडा रेंज में हुई। अधिकारियों ने बताया कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ा हुआ है और गांव के आसपास लगातार घूम रहा है। वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है। घटना के समय दोनों बच्चियां अपने कच्चे घर में सो रही थीं। अचानक हाथी ने घर पर हमला कर उसका एक हिस्सा गिरा दिया। घर के अन्य सदस्य जान बचाने के लिए बाहर भाग गए, लेकिन दोनों बच्चियां अंदर ही फंसी रह गईं। हाथी ने उन्हें कुचलकर मार डाला।
रेडियो कॉलर और नेटवर्क की समस्या
वन अधिकारियों ने बताया कि हाथी को ट्रैक करने के लिए उसके गले में रेडियो कॉलर लगाया गया है। रेडियो कॉलर में एक जीएसएम सिम कार्ड लगाया गया है, जिससे उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हालांकि, कांटापल्ली गांव और आसपास के क्षेत्र में नेटवर्क की कमी के कारण रेडियो कॉलर से हाथी का सटीक लोकेशन पता नहीं चल पा रहा है। यह तकनीकी समस्या वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतक बच्चियों के परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और उसे काबू में लाने का काम शुरू कर दिए हैं।