Omicron BF.7: क्या है कोरोनावायरस का ये नया म्यूटेशन, जिसने चीन में मचाया हाहाकार, अब दुनिया भी हुई खबरदार
Omicron BF.7: 'सेल होस्ट एंड माइक्रोब' जर्नल में छपी एक स्टडी में बताया गया है कि BF.7 सब-वैरिएंट में ओरिजनल D614G वेरिएंट की मुकाबले 4.4 गुना ज्यादा न्यूट्रलाइजेशन प्रतिरोध (Neutralisation Resistance) है
चीन में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के पीछे Omicron का सब-वेरिएंट BF.7 (FILE PHOTO)
Omicron BF.7: ऐसा माना जा रहा है कि चीन (China) में कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के पीछे ओमिक्रोन (Omicron) का सब-वेरिएंट BF.7 (BF.7 Subvariant) है, जिसने पूरे देश में संक्रमण के कारण हाहाकार मचाया हुआ है। हालांकि, ये पहला मौका नहीं है, जब BF.7 चर्चाओं में है। अक्टूबर में भी ये सब-वेरिएंट अमेरिका और यूरोपिय देशों में खबरों में रहा था। चीन ने जब कोरोनावायरस को लेकर अपनी जीरो कोविड पॉलिसी (Zero Covid Policy) लागू की तब दुनियाभर में उसकी आलोचना हुई, यहां तक की वहां की जनता भी इसके विरोध में सड़कों पर उतार आई। तमाम विवादों के बाद आखिरकार जिनपिंग प्रशासन ने अपनी इस नीति में ढील दी और उसके बाद, जो हालात हैं, वो हमारे सामने हैं।
सोशल मीडिया पर आ रहे चीन के वीडियो काफी डराने वाले हैं। एक बार फिर कोरोना के वापस लौटने का डर लोगों के मन में बैठ रहा है। चीन में कोरोना के जो हालात हैं, उनके पीछे अमिक्रोन वेरिएंट के BF.7 स्ट्रेन को एक अहम कारण माना जा रहा है।
BF.7 के बारे में अब तक कितनी जानकारी?
जब वायरस म्यूटेट होते हैं, तो वे लाइनेज और सब-लाइनेज बनाते हैं। इसे ऐसे समझिए कि SARS-CoV-2 एक पेड़ है और इसकी शाखांए निकलती हैं, उन शांखाओं में से छोटी ब्रांच या शाखा निकलती हैं। इसी तरह ओमिक्रोन इस पेड़ का तना है और BF.7, BF.5 उस तने में से निकलने वाली छोटी शाखाएं हैं।
इस महीने की शुरुआत में 'सेल होस्ट एंड माइक्रोब' जर्नल में छपी एक स्टडी में बताया गया है कि BF.7 सब-वैरिएंट में ओरिजनल D614G वेरिएंट की मुकाबले 4.4 गुना ज्यादा न्यूट्रलाइजेशन प्रतिरोध (Neutralisation Resistance) है।
आसान भाषा में इसे ऐसे समझें कि 2020 में दुनिया भर में फैले ओरिजनल वुहान वायरस (Wuhan Virus) की तुलना में एक वैक्सीन लिए हुए संक्रमित व्यक्ति के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी के BF.7 को खत्म करने की संभावना कम होती है।
एक हाई न्यूट्रलाइजेशन प्रतिरोध का मतलब है कि किसी आबादी में वैरिएंट के फैलने और दूसरे वेरिएंट की जगह लेने की संभावना ज्यादा है।
अक्टूबर में अमेरिका में 5 प्रतिशत से ज्यादा और यूकेर में 7.26% Covid-19 केस BF.7 के ही थे। पश्चिम देशों के वैज्ञानिक फिलहाल वेरिएंट पर काफी करीब से नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, इन देशों तब कोरोना के मामलों में या अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में अचानक से कोई ज्यादा उछाल नहीं आया था।
क्या भारत में फैल रहा है BF.7?
जनवरी 2022 में जो कोरोना की वेव आई थी, उसमें ओमिक्रोन के BA.1 और BA.2 सेब-वेरिएंट की अहम भूमिका थी। BA.4 और BA.5 के बाद के कोई भी सब-वेरिएंट भारत में कभी भी उतना ज्यादा नहीं फैला, जितने कि वे यूरोपीय देशों में फैले थे। इसलिए भारत में BF.7 के बहुत कम मामले देखने को मिले।
INSCOG के डेटा के मुताबिक, नवंबर में भारत में आए कोरोना के मामलों में 2.5% BA.5 सब-वेरिएंट से जुड़े थे। वर्तमान में रीकॉम्बीनेंट वेरिएंट XBB ही भारत में सबसे कॉमन वेरिएंट और नवंबर में इसके 65.6% केस थे।
क्या है Omicron BF.7 स्ट्रेन?
ये कोरोनावायरस का नया म्यूटेशन है, जो इंसानों के बीच काफी तेजी से फैलता है। इसका इनक्यूबेशन पीरियड काफी कम है। संक्रमण होने से लेकर इसके शुरुआती लक्षण के बीच लगने वाले समय को इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं।
कई स्टडी के अनुसार, इस म्यूटेशन की R0 वैल्यू लगभग 10-18.6 है, जिसका मतलब है कि कोई भी संक्रमित व्यक्ति अपने आसपास के 10-18.6 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है या जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, जैसे ही बुजुर्ग और बच्चें, ऐसे लोगों पर वायरस की चपेट में आने का खतरा ज्यादा है।
Omicron BF.7 के क्या हैं लक्षण?
इस नए स्ट्रेन के लक्षण भी Covid-19 के पिछले वेरिएंट जैसे ही हैं, जैसे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी सांस लेने में समस्या, बुखार, खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, थकान आदि। निमोनिया भी इसका एक अलग लक्षण है, जो ज्यादातर उम्रदराज लोगों में देखने को मिल सकता है।