चीन में क्यों फैल रहा है COVID-19 और क्या आपको करनी चाहिए चिंता?

COVID 19 :  7 दिसंबर तक चीन जीरो कोविड 19 पॉलिसी लागू थी। व्यापक स्तर पर क्वारंटाइन, बड़े स्तर पर टेस्टिंग हो रही थी और यात्राओं पर बंदिशें लागू थीं। अब फिर से वहां कोरोना की नई वेव आ गई है। चीन के अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं। अंतिम संस्कार के लिए शवों की लाइन लगी हुई है। चीन के हालात ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है

अपडेटेड Dec 22, 2022 पर 3:36 PM
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चीन के हालात को देखते हुए भारत सरकार एडल्ट्स में कोविड की बूस्टर डोज कवरेज बढ़ा रही है, जो फिलहाल लगभग 28 फीसदी के स्तर पर है

COVID 19 : चीन में वर्ष 2019 के अंत में कोविड-19 की शुरुआत हुई थी। अब ठीक तीन साल बाद फिर से वह अपने सबसे बद्तर कोरोनावायरस क्राइसिस (coronavirus crisis) का सामना कर रहा है। खास बात यह है कि 7 दिसंबर तक चीन जीरो कोविड 19 पॉलिसी (Zero Covid-19 policy) लागू थी। वहीं व्यापक स्तर पर क्वारंटाइन, बड़े स्तर पर टेस्टिंग हो रही थी और यात्राओं पर बंदिशें लागू थीं। अब फिर से वहां कोरोना की नई वेव आ गई है। चीन के अस्पताल भरे हुए हैं। अंतिम संस्कार के लिए शवों की लाइन लगी हुई है। चीन के हालात ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है।

उदाहरण के लिए, भारत की चिंता है कि पड़ोसी में देश में म्यूटैंट वेरिएंट्स (mutant variants) की संख्या बढ़ने से यहां संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। भारत अभी तक इस महामारी की तीन वेव का सामना कर चुका है। पिछले कई महीने से महामारी के लिहाज से भारत में हालात खासे बेहतर बने हुए थे। फिलहाल भारत में 3,400 से कुछ ज्यादा मामले एक्टिव हैं।

यहां हम संभावित नुकसान से बचने के लिए जरूरी कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं...


कुछ महीनों से क्यों बेहतर हैं हालात?

पिछले तीन साल में कई देशों के जरिये कई कोविड-19 वायरस फैले हैं। आज ज्यादातर देशों में वैक्सीन कवरेज (vaccine coverage) खासा बेहतर हो चुका है।

जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इन इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. विवेकानंद झा ने बताया कि वक्त के साथ विकसित होने वाले सभी वायरस में माहौल के हिसाब से बने रहने की क्षमता बढ़ जाती है।

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सामान्य इंफेक्शन या वैक्सीनेशन के परिणाम स्वरूप वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाने और प्रतिरोधकता से बचने की क्षमता बढ़ सकती है। इसका मतलब तीन और बाकी दुनिया के लिए अलग-अलग है। झा कहते हैं कि चीन के लोगों के लिए खतरा ज्यादा है, जिनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। वहीं, दूसरे देशों के लोगों में विभिन्न स्तर पर इम्युनिटी विकसित हुई है। उन्होंने कहा, दुनिया के दूसरे हिस्सों में ट्रांसमिशन का स्तर स्थायी है, लेकिन यह स्थिति बदल सकती है।

चीन में क्यों सामने आ रहे हैं ज्यादा मामले

एक सीनियर वीरोलॉजिस्ट डॉ. गगनदीप कांग के मुताबिक, चीन के इन हालात की चार वजह हैं। पहली, बुजुर्गों का बहुत कम संख्या में वैक्सीनेशन हुआ है। दूसरा, बूस्टर वैक्सीन भी चीन में कासी कम लगी हैं।

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चीन तीन साल से व्यापक स्तर पर क्वारंटाइन और ट्रैवल पर बंदिशें लगाने पर जोर दे रहा था, जो हल में लोगों के भारी विरोध के बाद हटाई गईं। इन छूट के बाद वायरस बड़े स्तर पर फैला है।

तीसरा यह फ्लू का सीजन है, जब वायरन इंफेक्शन तेजी से फैलता है।

क्या है BF.7 स्ट्रेन और इसके बारे में क्या जानते हैं हम?

BF.7 variant काफी हद तक BA.5.2.1.7 स्ट्रेन जैसा है, जो ओमीक्रोन सब लीनिएज बीए.5 (Omicron sub-lineage BA.5) का एक सब लीनिएज है। यह इस साल अक्टूबर की शुरुआत में नॉर्थवेस्ट चाइना के इनर मंगोलिया ऑटोनोमस रीजन में पाया गया था। इस Omicron subvariant कोविड-19 के कुल केस में 5 फीसदी पाया गया था और अक्टूबर में यूके में सामने आए मामलों में 7 फीसदी इससे जुड़े थे।

INSACOG के एक साइंटिस्ट ने कहा, प्रमाणों से पता चलता है कि नया ओमीक्रोन सब वेरिएंट पिछले वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है। साथ ही BF.7 variant से संक्रमित व्यक्ति 10 से 18 लोगों को बीमार कर सकता है। यहां तक कि वैक्सीन लगवाने वाले भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, इस बात की कोई वजह नहीं है कि बीएफ.7 को पिछले ओमीक्रोन सबवेरिएंट्स से ज्यादा गंभीर बताया जाए।

क्या आपको चीन के ओमीक्रोन BF.7 variant से परेशान होना चाहिए?

ज्यादा संक्रामकता के बावजूद, BF.7 subvariant ने अभी तक हाइब्रिड इम्युनिटी वाले देशों में एक बड़ी वेव के संकेत नहीं दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 21 दिसंबर को एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद संकेत दिए कि “घबड़ाएं नहीं, लेकिन अलर्ट रहें।”

मुंबई के Masina Hospital में इंफेक्शस डिसीज स्पेशलिस्ट डॉ. तृप्ति गिलाडा ने बताया कि BF.7 variants के लक्षण दूसरे ओमीक्रोन सबवेरिएंट्स जैसे हैं। इनमें बुखार, गले में खराशें और नाक बहना शामिल है।

क्या कर रही है भारत सरकार?

चीन के हालात को देखते हुए सरकार एडल्ट्स में बूस्टर डोज कवरेज बढ़ा रही है, जो फिलहाल लगभग 28 फीसदी के स्तर पर है। साथ ही तेजी से फैल रहे नए सार्स सीओवी 2 (SARS CoV 2) की जीनोमिक सर्विलांस के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

क्रिसमस और नए साल को देखते हुए कोविड-19 अनुकूल व्यवहार के लिए एक या दो दिन में नई एडवाइजरी जारी करने का फैसला लिया गया है।

मंडाविया ने वैज्ञानिकों को यह देखने के निर्देश दिए हैं कि क्या मौजूदा वैक्सीन इस समय फैल रहे वायरस वेरिएंट्स को रोकने में सक्षम हैं। डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स से पिछली तीन कोविड-19 वेव में इस्तेमाल हुई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंफेक्शन से बचने का सबसे अच्छा तरीका भीड़भाड़ में जाने से बचना और अच्छी क्वालिटी के मास्क पहनना है।

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