एक नए अध्ययन में कोरोना वायरस (COVID-19) के ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित लोगों में डेल्टा जैसे अन्य वेरिएंट से संक्रमित हुए मरीजों की तुलना में पर्याप्त एंटीबॉडी देखने को मिली है। COVID-19 रीइन्फेक्शन शोध से खुलासा है कि अगर आप वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं, तो डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ ओमीक्रोन वेरिएंट एंटीबॉडी के स्तर को बढ़ा सकता है।
अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 39 लोगों पर ट्रायल किए, जिन्हें ओमीक्रोन संक्रमण था। उनमें से 15 मरीजों को कोरोना वायरस वैक्सीन लगाया जा चुका था। वैक्सीन लगाए गए लोगों में BA.1 के खिलाफ एंटीबॉडी 13.6 गुना और गैर-वैक्सीनेशन वाले मरीजों में 6 गुना बढ़ गए।
शोध में कहा गया है कि ओमीक्रोन से संक्रमित लोगों में हाई स्तर की एंटीबॉडी बनने के आधार पर यह माना जा सकता है कि वे डेल्टा या अन्य किसी वेरिएंट से संक्रमित नहीं होंगे। यह शोध जर्नल ऑफ इंफेक्शन (मेडिकल मैग्जीन) के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है। यह शोध इस साल जनवरी में किया गया था।
शोधकर्ताओं ने शोध में ओमीक्रोन से संक्रमित मरीजों के सेरा (रक्त का जलीय अंश) के साथ BA.1, अल्फा, बीटा, डेल्टा और ओमीक्रोन वेरिएंट के खिलाफ आईजीजी और न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का विश्लेषण किया। लोगों को आइसोलेशन में रखा गया और सभी बिना लक्षण वाले संक्रमित थे।
जिन 39 लोगों को शोध में शामिल किया गया, वे संयुक्त अरब अमीरात, अफ्रीका, पश्चिम एशिया, अमेरिका और ब्रिटेन से लौटे थे। इनमें से छह लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ था। वैज्ञानिकों ने लोगों को तीन कैटेगरी में बांटा था। पहली कैटेगरी में कोविशील्ड की दोनों डोज लगावा चुके 25 लोग शामिल थे। जबकि दूसरी में फाइजर वैक्सीन लगवा चुके 8 लोग शामिल थे और तीसरी में बिना वैक्सीन लगवाए 6 लोग शामिल थे।