केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित फेक न्यूज फैलाने के मामले में एक फेसबुक अकाउंट और 16 यूट्यूब चैनलों (16 Youtube Channels Banned) पर सोमवार को रोक लगा दी है। ब्लॉक किए गए इन चैनलों में से छह पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि जिन यूट्यूब चैनलों और फेसबुक अकाउंट पर रोक लगाई गई है उनकी कुल व्यूवरशिप 68 करोड़ से अधिक थी। ये चैनल एवं अकाउंट भारत में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द में खटास पैदा करने तथा भय का माहौल बनाने के लिए गलत, असत्यापित जानकारी फैला रहे थे।
बयान में आगे कहा गया है कि इनमें से किसी भी डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स (Digital News Publishers) ने मंत्रालय को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (IT Rules, 2021) के नियम 18 के तहत आवश्यक जानकारी नहीं दी थी।
एक महीने में दूसरी बार सरकार ने लगाई रोक
आईटी नियम 2021 के तहत पहली बार इसी महीने की शुरूआत में 18 भारतीय यूट्यूब न्यूज चैनल ब्लॉक किए गए थे। इस दौरान 4 पाकिस्तान स्थित यूट्यूब समाचार चैनल भी ब्लॉक किए गए थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 5 अप्रैल को यूट्यूब आधारित 22 न्यूज चैनलों को बंद करने का निर्देश दिया था, जिनमें से चार पाकिस्तान के थे। इन चैनलों पर आरोप है कि ये फर्जी खबरें प्रसारित कर रहे थे जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंध और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा था।
मंत्रालय ने कहा था कि पिछले साल फरवरी में आईटी नियम 2021 की अधिसूचना जारी होने के बाद यूट्यूब आधारित भारतीय चैनलों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई पहली बार की गई है। बिना किसी चैनल का नाम लिए आधिकारिक बयान में कहा गया था कि जिन यूट्यूब चैनलों को बंद किया गया उनकी व्यूवरशिप 260 करोड़ से ज्यादा थी।
अब 94 के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई
इस कार्रवाई के साथ ही दिसंबर 2021 से अब तक मंत्रालय, यूट्यूब आधारित 94 न्यूज चैनलों तथा कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को, राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की एकता और अखंडता, लोक व्यवस्था आदि के आधार पर बंद कर चुका है। मंत्रालय के अनुसार, कई यूट्यूब चैनल भारतीय सशस्त्र सेनाओं, जम्मू-कश्मीर आदि जैसे विषयों पर फर्जी खबरें प्रसारित करते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत विरोधी कंटेंट समेत जिस कंटेंट पर पाबंदी लगाई गई है वह पाकिस्तान से संचालित होने वाले सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए पोस्ट की जाती थी। कुछ भारतीय यूट्यूब चैनलों पर गलत जानकारी प्रसारित की जाती थी, जिसका लक्ष्य अन्य देशों के साथ भारत के संबंध खराब करना था।