दुनिया का सैन्य खर्च पहली बार 2 लाख करोड़ डॉलर के पार, टॉप पर अमेरिका-चीन, जानें कितने नंबर पर है भारत?

2021 में भारत का सैन्य खर्च बढ़कर 76.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2020 के आंकड़ों से 0.9 प्रतिशत अधिक है

अपडेटेड Apr 25, 2022 पर 7:02 PM
सबसे ज्यादा सैन्य खर्च के मामले में अमेरिका टॉप पर है

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने दुनिया की प्रमुख सेनाओं के सालाना खर्च पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, 2021 में रक्षा खर्च के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। मुद्रास्फीति के आधार पर बदलाव के बाद सामने आए आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल दुनिया में रक्षा पर खर्च में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2.10 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। सबसे ज्यादा सैन्य खर्च के मामले में अमेरिका टॉप पर है। इसके बाद चीन और फिर तीसरे नंबर पर भारत है।

भारत के सैन्य खर्च में 0.9 फीसदी की वृद्धि

रक्षा क्षेत्र के थिंक-टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की तरफ से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में भारत का सैन्य खर्च बढ़कर 76.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2020 के आंकड़ों से 0.9 प्रतिशत अधिक है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन सैन्य खर्च के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर है। चीन ने 2021 में अपनी सेना को अनुमानित 293 अरब अमेरिकी डालर आवंटित किए, जो 2020 से 4.7 प्रतिशत और 2012 से 72 प्रतिशत अधिक है।


ये भी पढ़ें- Hanuman Chalisa Row: नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, FIR रद्द करने की याचिका खारिज

पांच मई, 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्रों में हिंसक झड़पों के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले 23 महीनों से पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध कायम हैं। दोनों ओर से अभी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर करीब 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं। थिंक-टैंक द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में भारत का सैन्य खर्च 76.6 अरब अमेरिकी डालर था जो दुनिया में तीसरे नंबर पर था। भारत का सैन्य खर्च 2020 से 0.9 प्रतिशत और 2012 से 33 प्रतिशत अधिक था।

भारत ने आत्मनिर्भरता को दी प्राथमिकता

भारत ने अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और हथियारों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वदेशी हथियार उद्योग को मजबूत बनाने के लिए, 2021 के भारतीय सैन्य बजट में कैपिटल आउटलेय का 64 प्रतिशत घरेलू उत्पादित हथियारों की खरीद के लिए निर्धारित किया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में सैन्य खर्च करने वाले पांच सबसे बड़े देशों में अमेरिका, चीन, भारत, ब्रिटेन और रूस थे जो कुल मिलाकर दुनिया के सैन्य खर्च का 62 प्रतिशत हिस्सा था। अकेले अमेरिका और चीन का हिस्सा 52 प्रतिशत था।

लद्दाख विवाद के बाद भारत सैन्य खर्च पर दे रहा जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 अप्रैल को कहा था कि पूर्वी लद्दाख विवाद के शांतिपूर्ण हल के लिए चीन के साथ चल रही बातचीत जारी रहेगी और सैनिकों की वापसी और तनाव में कमी लाना ही आगे का रास्ता है। सिंह ने सैन्य कमांडरों के सम्मेलन में कहा था कि भारतीय सैनिक देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिकूल मौसम और शत्रुतापूर्ण ताकतों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।