Pegasus Row: सुप्रीम कोर्ट ने कथित पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए उसके द्वारा नियुक्त टेक्निकल समितियों के लिए रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा शुक्रवार को बढ़ा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि इजराइली स्पाईवेयर को लेकर 29 प्रभावित मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और यह प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर ली जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को जांच पूरी करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन. वी. रमणा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि टेक्निकल समिति स्पाइवेयर के लिए प्रभावित मोबाइल फोन की जांच कर रही है। उसने पत्रकारों समेत कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। कोर्ट ने कहा कि टेक्निकल समिति की जांच मई के अंत तक पूरी की जा सकती है।
CJI रमणा ने कहा कि टेक्निकल समिति द्वारा प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर जज को सूचित किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने अक्टूबर 2021 में इजरायली स्पाइवेयर के कथित उपयोग की जांच के आदेश दिए थे।
जांच कमेटी ने कुछ मुद्दों पर जनता की राय भी मांगी थी, जिसमें लोगों ने बड़ी तादाद में अपनी राय भेजी है। CJI ने कहा कि टेक्निकल समिति मई के अंत तक फाइनल रिपोर्ट तैयार करके जस्टिस रवींद्रन को देगी। इसके बाद अगले एक महीने में यानी 20 जून तक न्यायाधीश रवींद्रन अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट को सौंप देंगे।
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया एसोसिएशन ने दावा किया था कि पेगासस स्पाइवेयर के जरिए कथित निगरानी के संभावित लक्ष्यों की सूची में 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबर शामिल थे। ये विवाद पिछले साल न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी सामने आया था।