Ukraine-Russia War: यूक्रेन में फंसे भारतीयों के रेस्क्यू के लिए मोदी सरकार अब भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की मदद लेगी। यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामक सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए वायुसेना को मोर्चे पर जुट जाने को कहा है।
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि भारतीय वायुसेना, यूक्रन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाए जा रहे आपरेशन गंगा (Operation Ganga) नामक इस अभियान के तहत कई सी-17 विमान तैनात कर सकती है।
कल शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार 24 घंटे काम कर रही है। भारतीय वायुसेना के कई C-17 विमान आज ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान शुरू कर सकते हैं।
बता दें कि गौरतलब है कि 24 फरवरी को रूस द्वारा हमला करने के बाद यूक्रेन का एयरस्पेस बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है।
यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार की ओर से 'ऑपरेशन गंगा' चलाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि निकासी अभियान में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय वायुसेना से इस अभियान का हिस्सा बनने को कहा है। संकट के मद्देनजर लोगों को निकालने के साथ-साथ, भारतीय वायुसेना के विमान मानवीय सहायता संबंधी सामान पहुंचाने के लिए भी काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंचकर भारतीयों को सुरक्षित एवं सुगम तरीके से निकालने में समन्वय करने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा में समन्वय करेंगे।
भारतीयों को तत्काल कीव छोड़ने की सलाह
इस बीच, यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से आज तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है। दूतावास ने ट्वीट कर कहा कि कीव में भारतीयों के लिए परामर्श...छात्रों सहित सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे आज तत्काल कीव छोड़ दें। उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य उपलब्ध माध्यम के जरिए।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद युद्धग्रस्त देश का एयर स्पेस बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है।
सोमवार को यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने छात्रों को राजधानी कीव में रेलवे स्टेशन पहुंचने की सलाह दी थी, ताकि वे युद्धग्रस्त देश के पश्चिमी हिस्सों तक आगे की यात्रा कर सकें। कीव में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि यूक्रेन की राजधानी में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है और भारतीय छात्र शहर से बाहर निकलने के लिए रेलवे स्टेशन जा सकते हैं।