प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने रविवार की सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम में देश को संबोधित किया। यह मन की बात कार्यक्रम का 104वां एपिसोड था। अपने इस खास कार्यक्रम के दौरान पीएम ने कई सारे मुद्दों पर संबोधित किया। पीएम ने जी 20 समेत और भी कई सारे मुद्दों पर बात की।
पीएम ने मन की बात में कहा कि जी20 हमारी पीपुल्स प्रेसिडेंसी है। जिसमें जनभागीदारी की भावना सबसे आगे है। जी 20 में 11 एंगेजमेंट ग्रुप, 3-4 एकेडमी, सिविल सोसाइटी, युवा महिलाएं, सांसद, उद्यमियों और अर्बन एडमिनिस्ट्रेशन ने अहम भूमिका निभाई है। इसे लेकर देश भर में जो आयोजन हो रहे हैं उनसे किसी ना किसी तरह से डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ हुए हैं। जनभागीदारी की इस कोशिश में हमने एक नहीं बल्कि दो वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाए हैं। वाराणसी में हुए जी20 क्विज में 800 स्कूलों के सावा लाख छात्रों ने भाग लिया था। वहीं 450 लंबानी कारीगरों ने करीब 1800 यूनीक पैच का कलेक्सन बनाया था।
जी 20 के लिए भारत पूरी तरह से तैयार
पीएम ने कहा कि सितंबर का महीना भारक के सामर्थ्य का गवाह बनने जा रहा है। अगले महीने होने जा ही जी20 समिट के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है। इस आयोजन में भाग लेने के लिए दुनिया भर से नेता भारत आ रहे हैं। जी20 के इतिहास में यह अभी तक की सबसे बड़ी भागीदारी होने वाली है। भारत के कहने पर ही अफ्रीकन यूनियन जी20 के इस ग्रुप से जुड़ा है। भारत की बेटियां अब अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही हैं। अगर किसी देश की बेटियां इतनी आकांक्षी हो जाएं तो उसे आघे बढ़ने से कौन रोक सकता है।
पीएम ने कहा कि 23 अगस्त को भारत ने चंद्रयान के जरिए यह साबित कर दिया है कि संकल्प के साथ कुछ सूरज चांद पर भी उगाए जा सकते हैं। मिशन चंद्रयान भारत की स्परिट का प्रतीक बन गया है जो हर हाल में जीतना चाहता है और हल हाल में जीतता भी है। इस मिशन को पूरी तरह से महिलाओं ने संभाला है।
30 जुलाई को हुआ था 103वां संस्करण
'मन की बात' का 103वां संस्करण 30 जुलाई को प्रसारित हुआ था, जब पीएम मोदी ने पहली बार 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान का जिक्र किया था। मन की बात ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है, जो राष्ट्र के लिए उनके द्वारा निर्धारित महान लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देने के लिए प्रेरित हुए हैं। 30 जुलाई को प्रसारित 'मन की बात' की 103वीं किस्त के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 'मेरी माटी मेरे देश' अभियान की शुरुआत की। उन्होंने देश भर में चल रही मानसूनी बारिश को स्वीकार किया और हाल की प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न संकट पर चिंता व्यक्त की।