फेक न्यूज फैलाने वालों पर नकेल कसने की तैयारी, नए कानूनों में होगी तीन साल की जेल और लगेगा जुर्माना

बिल की धारा 195 (1) D में लिखा है, "अगर कोई भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली झूठी या भ्रामक जानकारी बनाता है या प्रकाशित करता है, तो कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।" ये सेक्शन नए प्रस्तावित बिल के चैप्टर 11 के तहत 'सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराधों' के तहत 'राष्ट्रीय एकता के लिए प्रतिकूल आरोप, दावे' विषय के तहत शामिल है

अपडेटेड Aug 12, 2023 पर 6:41 PM
फेक न्यूज फैलाने वालों पर नकेल कसने की तैयारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita Bill, 2023) पेश किया। प्रस्तावित विधेयक में धारा 195 के तहत एक प्रावधान है, जो भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली 'फेक न्यूज (Fake News) या भ्रामक जानकारी' फैलाने वालों से जुड़ा है। बिल के मुताबिक, ऐसा करने वालों को तीन साल तक की कैद की सजा दी जाएगी। हालांकि, विधेयक को फिलहाल समीक्षा के लिए स्थायी समिति को भेजा गया है।

बिल की धारा 195 (1) D में लिखा है, "अगर कोई भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली झूठी या भ्रामक जानकारी बनाता है या प्रकाशित करता है, तो कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।"

ये सेक्शन नए प्रस्तावित बिल के चैप्टर 11 के तहत 'सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराधों' के तहत 'राष्ट्रीय एकता के लिए प्रतिकूल आरोप, दावे' विषय के तहत शामिल है।


'राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले आरोप, दावे' से जुड़े प्रावधान भारतीय दंड संहिता की धारा 153B के तहत थे।

बच्चियों के साथ गैंगरेप के लिए अब होगी मौत की सजा, गृह मंत्री ने संसद में पेश किया IPC, CrPC को बदलने वाला विधेयक

गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए जिनका मकसद भारतीय नागरिकों को न्याय देना और संविधान की तरफ से दिए गए अधिकारों की रक्षा करना है।

बिल पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि इन तीन नए कानूनों की आत्मा नागरिकों को संविधान की तरफ से दिए गए सभी अधिकारों की रक्षा करना होगा।

उन्होंने कहा कि तीन विधेयक - भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक, 2023 और भारतीय सुरक्षा विधेयक, 2023- गुलामी के सभी लक्षणों को खत्म करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में किए गए वादों को पूरा करते हैं।

ये विधेयक अंग्रेजों की तरफ से बनाए गए भारतीय दंड संहिता, 1860, आपराधिक प्रक्रिया संहिता, (1898), 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को खत्म कर देगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।