फिल्मों में ठगी की कहानियां देखना एक बात है, लेकिन जब हकीकत में कोई बंटी-बबली जैसा खेल खेले, तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है। पंजाब के इस ठग कपल ने ऐसा ही करिश्मा किया, जिसने लोगों के होश उड़ा दिए। क्लाउड स्पेस लीजिंग का झांसा देकर इन्होंने हजारों लोगों से 3,500 करोड़ रुपये ठग लिए। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी कारें और करोड़ों की संपत्तियां देखकर किसी को भी शक नहीं हुआ कि ये सब ठगी की कमाई है। पुलिस और जांच एजेंसियां महीनों से इस जोड़ी के पीछे थीं, लेकिन ये हर बार बचकर निकल जाते।
आखिरकार, बीते शुक्रवार को पुलिस ने इस ठग जोड़ी को धर दबोचा। फिलहाल, वे ईडी की हिरासत में हैं, और जांच एजेंसियां इस बड़े घोटाले की परतें खोलने में जुटी हैं। अब देखना ये है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल है!
कपल की लग्जरी लाइफ, ठगी से करोड़ों की कमाई
पिछले कुछ वर्षों में सुखविंदर सिंह खरौर और उनकी पत्नी डिंपल खरौर ने लोगों से मोटी रकम वसूलकर ऐशो-आराम की जिंदगी बिताई। क्लाउड स्पेस खरीदने और उसे लीज पर देने के नाम पर हजारों लोगों को ठगा। ठगी से इकट्ठा की गई इस रकम से इन्होंने लग्जरी कारें खरीदीं, करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई और शाही जिंदगी जी।
ईडी की कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त
जांच एजेंसियों ने इस ठग जोड़ी की काली कमाई पर शिकंजा कसना शुरू किया। पिछले महीने ईडी ने इनके ठिकानों पर छापा मारा और 80 करोड़ रुपये की 26 से ज्यादा लग्जरी कारें जब्त कर लीं। इसके अलावा, पंजाब में इनकी 178 करोड़ रुपये की संपत्ति भी सीज कर दी गई।
घोटाले का मास्टरमाइंड निकला सुखविंदर सिंह खरौर
ईडी की जांच में सामने आया कि इस घोटाले का असली दिमाग सुखविंदर सिंह खरौर था, जो व्यूनाउ ग्रुप का सीईओ और संस्थापक है। अपनी पत्नी डिंपल के साथ मिलकर उसने कई फर्जी कंपनियां बनाई, जिनमें खरौर फिल्म्स एलएलपी, फ्रूटचैट एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और अवनी आईटीइंफ्रा वेंचर्स लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
कोर्ट ने बढ़ाई हिरासत, आगे होगी गहराई से जांच
शनिवार को जालंधर की पीएमएलए कोर्ट ने सुखविंदर सिंह खरौर को 10 दिन और उसकी पत्नी डिंपल खरौर को 5 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस घोटाले से जुड़े और राज़ खोलने की तैयारी में हैं।
नया मोड़ ले सकता है मामला
इस ठग जोड़ी के पकड़े जाने के बाद अब सवाल ये है कि इनके साथ और कौन-कौन इस घोटाले में शामिल है? क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? जांच में क्या नए खुलासे होंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।