Queen Elizabeth II की मौत के बाद, कोहिनूर का क्या होगा? जानें भारत से ब्रिटेन की रानी के ताज तक पहुंचने की हीरे की कहानी
Queen Elizabeth II की मौत की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, कोहिनूर हीरे को उसके उसके देश को वापस करने की मांग भी सोशल मीडिया पर तेज हो गई
MoneyControl News
अपडेटेड Sep 09, 2022 पर 5:34 PM
Queen Elizabeth II की मौत के बाद, कोहिनूर का क्या होगा
कोहिनूर (Kohinoor), दुनिया के सबसे बड़े और सबसे विवादास्पद हीरों (Diamond) में से एक है। गुरुवार शाम को महारानी एलिजाबेथ के निधन (Queen Elizabeth II death) के बाद अब कोहिनूर चर्चा का विषय बन गया है। ब्रिटेन (Britain) पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले सम्राट का 96 साल की उम्र में बाल्मोरल में स्कॉटिश रिट्रीट में निधन हो गया।
उनकी मौत की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, कोहिनूर हीरे को उसके उसके देश को वापस करने की मांग भी सोशल मीडिया पर तेज हो गई। पूरा मामला जानने से पहले आइए जानते हैं, आखिर कोहिनूर हीर क्या है।
कोहिनूर हीरा क्या है?
कोहिनूर, जिसे कोह-ए-नूर भी कहा जाता है। ये एक एतिहासिक हीरा है। किंवदंती यह है कि यह भारत में खनन किया गया था और सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने इसे अपने कब्ज में ले लिया था, जिन्होंने 1296 से 1316 तक दिल्ली पर शासन किया था।
इसके नाम का शाब्दिक अर्थ है "प्रकाश का पहाड़" और कोहिनूर हीरा वर्तमान में ब्रिटिश ताज के गहनों का हिस्सा है। द क्वीन मदर्स क्राउन में लगा हुए है। इसे 1937 में तैयार किया गया था। यह ताज में इस्तेमाल किए गए 2,800 बाकी हीरों में सबसे अलग है।
कोहिनूर हीरा भारत और ब्रिटेन के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। ब्रिटिश शाही परिवार में आने से पहले ये हीरा कई हाथों में रहा।
हीरे से जुड़े पहला विवाद 1740 के दशक में सामने आया, जब यह मुगल मयूर सिंहासन का हिस्सा था, जिसे नादर शाह ने दिल्ली से लूटा था। राजपूत राजकुमारों से लेकर मुगलों से लेकर पंजाब के महाराजाओं और अफगान शासकों तक कोहिनूर के कई मालिक थे। 1849 में पंजाब के ब्रिटिश कब्जे के बाद इसे महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया गया था।
1937 में, इसे किंग जॉर्ज VI की पत्नी महारानी एलिजाबेथ के लिए बनाए गए एक ताज में जड़ दिया गया था, जिसे उनके राज्याभिषेक के दौरान पहना जाना था। लंदन के टॉवर में प्लैटिनम का मुकुट प्रदर्शित किया गया है।
महारानी एलिजाबेथ II के निधन के बाद कोहिनूर का क्या होगा?
अभी के लिए, कोहिनूर का ताज किंग चार्ल्स III की पत्नी कैमिला पहनेंगी। चार्ल्स अपनी मां महारानी एलिजाबेथ II की गुरुवार शाम को निधन हो जाने के बाद सिंहासन पर आसीन हुए। उनकी पत्नी कैमिला, डचेस ऑफ कॉर्नवाल थीं, अब उन्हें क्वीन कंसोर्ट की उपाधि दी गई है।
इस साल फरवरी में, महारानी एलिजाबेथ II ने कहा था कि कैमिला को आखिरकार क्वीन कंसोर्ट के रूप में जाना जाना चाहिए। उन्होंने इसे अपनी "ईमानदारी से इच्छा" बताया।
उस समय, डेली मेल ने एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें कहा गया था कि कैमिला को चार्ल्स के राज्याभिषेक पर पहनने के लिए कोहिनूर हीरे वाला रानी मां का 1937 का ताज दिया जाएगा। आधिकारिक राज्याभिषेक शनिवार को होने की उम्मीद है।
कोहिनूर की कथा और इसे वापस करने की अपील
कोहिनूर एक ऐसा रत्न है, जिसे शापित माना जाता है। लोककथाओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति हीरा पहनता है। उसे भयानक भाग्य का सामना करना पड़ता है।
ऐसा लगता है कि इस तरह मान्यताएं कोहिनूर के अतीत, साजिश, खूनखराबे और युद्धों को देखकर पैदा हुई हैं। ब्रिटेन में आने के बाद से, कोहिनूर को केवल ब्रिटिश शाही परिवार की महिला सदस्यों ने ही पहना है।
सोशल मीडिया पर हजारों ट्वीट्स के जरिए भारत को हीरा वापस करनी की अपील की गई, लेकिन हीरे के स्वामित्व का दावा करने वाला भारत अकेला देश नहीं है। भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान की सरकारों ने सालों से कोहिनूर पर अपना दावा किया है।