राजकोट अस्पताल में गंभीर लापरवाही! महिलाओं के मेडिकल चेकअप के फुटेज लीक
Gujarat Doctor Checkup Video Leak: राजकोट के पायल अस्पताल में चेकअप के दौरान रिकॉर्ड किए गए सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर लीक हो गए, जिससे गंभीर विवाद खड़ा हुआ। वीडियो 'मेघा MBBS' यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम पर डाले गए थे। अस्पताल ने हैकिंग का दावा किया, लेकिन निजता उल्लंघन के सवाल बरकरार हैं। साइबर क्राइम ब्रांच जांच कर रही है
MoneyControl News
अपडेटेड Feb 19, 2025 पर 12:00 PM
Gujarat Doctor Checkup Video Leak: महिलाओं की प्राइवेसी पर हमला!
गुजरात के राजकोट स्थित पायल अस्पताल में महिलाओं की निजता से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में चेकअप के दौरान रिकॉर्ड किए गए सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर लीक कर दिए गए, जिससे बड़ी सनसनी फैल गई। इन वीडियो को यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया, जहां उन्हें लाखों बार देखा गया। मामला सामने आते ही अस्पताल प्रशासन सफाई देने में जुट गया, जबकि अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू कर दी। इस घटना ने अस्पतालों में मरीजों की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनका सीसीटीवी सिस्टम हैक किया गया, लेकिन सवाल उठता है कि चेकअप रूम में कैमरे लगाने की जरूरत ही क्यों पड़ी? फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और सरकार ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कैसे हुआ वीडियो लीक?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन संवेदनशील फुटेज को लीक करने वाला व्यक्ति कौन था और उसने यह किस उद्देश्य से किया। हालांकि, यह बात सामने आई है कि वीडियो अस्पताल के आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में लगे सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्ड किए गए थे। यह गंभीर चिंता का विषय है कि मरीजों की निजी जांच की रिकॉर्डिंग हो रही थी और बाद में इसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया गया।
CCTV लीक के बाद उठे अहम सवाल
इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब ढूंढना बेहद जरूरी है:
आखिर यह वीडियो सोशल मीडिया पर लीक करने के पीछे कौन था?
क्या सिर्फ व्यूज और पैसों के लालच में इस तरह का अपराध किया गया?
अस्पतालों में चेकअप रूम के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने की क्या जरूरत है?
क्या मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए?
'मेघा MBBS' यूट्यूब चैनल पर अपलोड हुए वीडियो
जांच में पता चला कि इन लीक हुए फुटेज को 'मेघा MBBS' नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। इस चैनल के कमेंट सेक्शन में टेलीग्राम ग्रुप के लिंक भी शेयर किए गए थे, जहां अन्य वीडियो उपलब्ध थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इन वीडियोज को देखने के लिए सब्सक्रिप्शन पैकेज भी बेचे जा रहे थे। पिछले महीने ही इन फुटेज को 5 लाख से अधिक बार देखा गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित साइबर अपराध का हिस्सा हो सकता है।
वीडियो में क्या था?
लीक हुए वीडियो में अस्पताल में इलाज के लिए आई महिलाओं की गोपनीय जांच को दिखाया गया है।
वीडियो में एक महिला अस्पताल के बेड पर लेटी हुई नजर आती है।
नर्स उसके कपड़े हटाकर जांच करती है और इंजेक्शन लगाती है।
चेकअप खत्म होने के बाद महिला अपने कपड़े पहनकर चली जाती है।
इस तरह के वीडियो रिकॉर्ड करना और उन्हें सार्वजनिक करना मरीजों की निजता का गंभीर उल्लंघन है और यह कानूनी व नैतिक रूप से पूरी तरह गलत है।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
पायल अस्पताल के एक अधिकारी ने दावा किया कि उनका सीसीटीवी सिस्टम हैक किया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से उनके कैमरों की फुटेज एक्सेस कर ली गई, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि चेकअप रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
यह तर्क बेहद कमजोर लगता है क्योंकि अस्पतालों में ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी ही सवालों के घेरे में है।
टेलीग्राम ग्रुप सितंबर 2024 में बना
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के एसीपी हार्दिक मकड़िया के अनुसार, यूट्यूब चैनल पर ऐसे 7 वीडियो अपलोड किए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि टेलीग्राम ग्रुप सितंबर 2024 में बनाया गया था, जबकि 'मेघा MBBS' नामक यूट्यूब चैनल जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह गतिविधि पहले से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी।
गुजरात सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
गुजरात सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने आधिकारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच हो रही है।
सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि:
क्या अस्पताल का CCTV सिस्टम हैक किया गया था?
या फिर अस्पताल के अंदर से ही डेटा लीक किया गया?
जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं। राजकोट के पायल अस्पताल की यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की लापरवाही नहीं है, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े व्यापक मुद्दों को उजागर करती है।