RBI Annual Report: 500 रुपए के नकली नोटों की संख्या में हुआ इजाफा, दिखी 14.6 फीसदी की बढ़त

RBI Annual Repor 2022-23: RBI ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में बाजार में नोटों के चलन को लेकर रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में 500 और 2000 के नकली नोटों की संख्या में इजाफे को लेकर खुलासा हुआ है। साथ ही बताया कि नई करंसी कि डिमांड और चलन बाजार में बीते वित्तीय वर्ष में कैसा रहा। सरकार को 10, 20, 50, 100 रुपए के नोटों में कितनी संख्या में नकली नोट देखने को मिले। जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट -

अपडेटेड May 31, 2023 पर 10:07 AM
2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 500 रुपए के नकली नोटों की संख्या 14.6 फीसदी बढ़कर 91,110 हो गई है

RBI Annual Report: RBI जहां नकली नोटों और करप्शन पर लगान कसने के लिए हमेशा तैयार है वहीं कुछ गुट चूना लगाने के लिए 500 रुपए के नकली नोटों का साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं। बैंकिंग सिस्टम में लगातार 500 रुपए के नकली नोटों की तादाद बढ़ती जा रही है। 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 500 रुपए के नकली नोटों की संख्या 14.6 फीसदी बढ़कर 91,110 हो गई है। वहीं इसके उलट 2000 के नकली नोटों की संख्या में गिरावट देखने को मिली। 2022-23 में 2000 के नकली नोट 28 फीसदी गिरकर 9,806 रुपए ही रह गए हैं। अगर नकली करंसी की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2,30,971 से घटकर इनकी संख्या 2022-23 में 2,25,769 हो गई है।

नए जारी किए गए नोटों में भी बढ़ी नकली नोटों की तदाद

RBI की सालाना रिपोर्ट में 20 रुपए के नकली नोटों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 500 के नए डिजाइन वाले नकली नोटों में 14.4 की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं इसके अलावा 10, 100 और 2000 रुपए के नकली नोटों में 11.6, 14.7 और 27.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। RBI के मुताबिक बैक नोटों का चलन साल 2022-23 में 2021-22 के मुकाबले घटा है। 2022-23 के दौरान नोटों का चलन और मात्रा के लिहाज से 7.8 फीसदी और 4.4 फीसदी बढ़ा है। वहीं 2021-22 में ये आंकड़ा 9.9 फीसदी और 5 फीसदी थी। रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2023 तक 500 और 2000 के नोटों के चलन की कुल हिस्सेदारी पिछली साल से बढ़कर 87.9 हो गई। वित्तीय वर्ष 2021-22  में ये आंकड़ा 87.1 फीसदी था।

मुद्रण और चलन में भी करंसी में दिखा बदलाव

RBI ने 2000 के नोटों को वापिस लेने की घोषणा कर दी है। इसके लिए लोगों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। 31 मार्च 2023 तक 500 रुपए के नोटों की कुल हिस्सेदारी 37.9 फीसदी जो बाकि नोटों के मुकाबले सबसे अधिक रही। 10 रुपए की हिस्सेदारी 19.2 फीसदी रही। मार्च 2023 के अंत तक 5,16,338 के 500 रुपए के कुल नोटों का चलन था जिनकी कुल लागत 25,81,690 करोड़ रुपए है। 2000 रुपए के नोटों का चलन 2022-23 में घटा है। इस साल मार्च के अंत तक बाजार में 4,55,468 लाख नोट चलन में थे जिनकी कुल कीमत 3,62,220 करोड़ रुपए है।

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RBI ने 2022-23 के दौरान पायलट आधार पर ई रुपया भी पेश किया

रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2023 तक ई-रुपया थोक और ई रुपया खुदरा का मूल्य 10.69 करोड़ रुपए और  5.70 करोड़ रुपए था। रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में नोटों की मांग आपूर्ति से 1.6 रुपए अधिक थी। 2021-22 की तुलना में वित्त वर्ष 2022-23 में 20 और 500 रुपए के नए डिजाइन किए गए नोटों में नकली नोटों की संख्या में 8.4 और 14.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

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