बेंगलुरु के एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को एक ठग ने तीन लाख रुपए का चूना लगाया। स्कैमर ने अमेरिकी रिश्तेदार बनकर आदमी को ठगा। 64 साल के कैप्टन रणजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 अगस्त को उन्हें न्यू यॉर्क के एक नंबर से कॉल आया था। फोन पर मौजूद आदमी ने अपना नाम सुखविंदर सिंह बताया। वो उनका रिश्तेदार बनकर बातें करता था।
आदमी ने रणजीत को बीच में कई बार फोन मिलाया और एक दिन खबर दी कि वो इंडिया आ रहा है। ऐसे में स्कैमर ने अकाउंट में कुछ पैसे ट्रांसफर करने की बात कही। ठग ने रणजीत सिंह के अकाउंट की डिटेल्स मांगी और एक मैसेज भेजा। मैसेज के मुताबिक अकाउंट में 24.4 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए थे। रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को इसके बाद एक लोकल नंबर से फोन आया। इस बार एक दूसरे आदमी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एग्जीक्यूटिव बनकर बात की। एग्जीक्यूटिव ने बताया कि पैसा खाते में आ चुका है और 24 घंटों के भीतर दिख जाएगा।
पांच लाख की रखी थी डिमांड
इसके बाद सुखविंदर नाम के स्कैमर ने फिर एक बार रणजीत को फोन किया और पांच लाख रुपए भेजने के लिए कहा। रणजीत से दरख्वास्त की कि वो भेजे गए 24 लाख रुपए में से पांच लाख रुपए वापिस उसे भेज दे। रणजीत सिंह ने बताया कि उनके खाते में उस वक्त सिर्फ एक लाख रुपए ही थे इसलिए तुरंत भेज दिए। फिर अपने किसी दूसरे दोस्त को संपर्क कर दो लाख भिजवाए। इसके बाद सुखविंदर बाकि के दो लाख रुपए के लिए दवाब बनाने लगा और एक अलग नंबर भी दिया ताकि डिजिटल पेमेंट की जा सके।
रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने कनाडा में रह रहे अपने दोस्त सुखविंदर को फोन मिलाया तो पता चला कि उसने तो कभी फोन किया ही नहीं था। रणजीत ने बताया कि उसने सुखविंदर की इंडिया ट्रिप के बारे में सिर्फ अपनी बहन से बात की थी लेकिन स्कैमर को इस बारे में कैसे पता चला वो नहीं जानते। रणजीत ने बताया कि जब वो बाकि के पैसों के लिए अपने एक दूसरे दोस्त से बात कर रहा था तब पता चला कि UPI आईडी तो किसी पूजा के नाम पर है। मुझे अभी तक समझ नहीं आ रहा कि मेरे दोस्त के नाम का इस्तेमाल कर के मुझे कैसे ठगा गया।शिकायत दर्ज करवाने के बाद रणजीत सिंह को फिर किसी ठग का कॉल आया। इस बार वो विदेश में रह रहे किसी दूसरे रिश्तेदार का नाम लेकर बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहा था। आदमी ने रणजीत को कुछ गिफ्ट्स भेजने का ऑफर भी दिया लेकिन इस बार रणजीत ने ऑफर ठुकरा दिया।