Bonus Issue: करीब 14 साल पहले ही बनी एक कंपनी ने ऐसा धमाका किया है कि उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है। इस कंपनी ने अपने मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा एंप्लॉयीज को बोनस के तौर पर दे दिया है। यह कंपनी है वर्ष 2011 में एआई स्टार्टअप कोवई (Kovai)। कंपनी के फाउंडर सरवण कुमार ने एंप्लॉयीज से वादा किया था कि अगर कंपनी की तगड़ी ग्रोथ होती है तो उन्हें बोनस में मोटा पैसा मिलेगा। कंपनी की ग्रोथ अच्छी हुई और इस पर फाउंडर ने अपने प्रॉफिट में से 14.22 करोड़ रुपये बतौर बोनस एंप्लॉयीज को भी बांट दिए। इसके करीब 260 एंप्लॉयीज है जिनमें से 140 एंप्लॉयीज को 14 करोड़ रुपये से अधिक बोनस बांटकर उन्होंने अपना वादा निभाया है। कंपनी का कारोबार कोयंबटूर के अलावा चेन्नई और लंदन में भी फैला हुआ है।
किन एंप्लॉयीज को मिला मोटा बोनस?
कोवई में करीब 260 एंप्लॉयीज है जिनमें से 140 एंप्लॉयीज को बोनस मिला है यानी कि सभी को नहीं मिला है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी की ने जो शर्त रखी थी, उसके मुताबिक जिन एंप्लॉयीज ने 31 दिसंबर 2022 तक कंपनी में करीब 3 साल पूरे कर लिए हैं, उन्हें ही बोनस का पैसा मिलेगा। बोनस के रूप में एंप्लॉयीज को उनकी सालाना सैलरी का आधा पैसा मिला है। कंपनी ने जनवरी के वेतन के साथ करीब 80 एंप्लॉयीज को उनका बोनस दे दिया है, जबकि बाकी 60 एंप्लॉयीज को फरवरी की सैलरी के साथ उनका बोनस दिया जाएगा।
Kovai ने इस कारण लिया बोनस बांटने का फैसला
कंपनी के फाउंडर और सीईओ सरवन कुमार का मानना है कि कंपनी को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले हर एंप्लॉयीज को भी उसके मुनाफे में हिस्सा मिलना चाहिए। ऐसे में पहले ESOP के जरिए उन्हें फायदा देने की कोशिश की गई लेकिन सीईओ को जब महसूस हुआ कि इसका फायदा तभी मिलेगा जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड होगी तो नकद फायदा देने का फैसला किया गया। इसे लेकर कंपनी ने एंप्लॉयीज के लिए ‘टुगेदर वी ग्रो’ बोनस पेश किया। इसके तहत एंप्लॉयीज को ग्रॉस एनुअल सैलरी का 50 फीसदी देने का प्रावधान है।