उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। सोशल मीडिया में एक चिट्ठी वायरल हो रही है। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दरअसल, एक बेबस पिता ने बेटे के स्कूल की फीस भरने के लिए अपनी किडनी बेचने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद समाज के लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया है। कोरोना काल के बाद से शख्स की आर्थिक हालत बेहद पतली हो गई है। इससे वो बच्चों के स्कूल तक की फीस नहीं भर पाए। ऐसे में बेबस पिता बेटे की फीस भरने के लिए किडनी बेचने के लिए मजबूर हो गया।
दरअसल, शाहजहांपुर के रोजा के आदर्श नगर इलाके में अर्जुन रहते हैं। एक दशक पहले तक वह रोजा मंडी में एक आढ़त पर मुंशी थे। बाद में मंडी में किराए की दुकान लेकर अनाज खरीदने और बेचने का काम शुरू कर दिया। इसके बाद कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान काश्तकारों ने उनकी काफी रकम दबा ली। इससे उन पर बड़े कारोबारियों का कर्ज बढ़ गया।
रोजी रोटी के लिए दिल्ली गए, फिर भी कंगाली खत्म नहीं हुई
अर्जुन ने बताया कि कर्ज उतारने और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए वो दिल्ली चले गए। यहां कबाड़ का काम शुरू कर दिया। लेकिन हालात नहीं सुधरे। दो साल दिल्ली में ठोकरे खाने के बाद वापस शाहजहांपुर आ गए और मजदूरी करने लगे। यहां भी गरीबी ने उनका दामन नहीं छोड़ा। अर्जुन ने बताया कि उनका बेटा 12वीं में सीबीएसई बोर्ड से पढ़ रहा है। उनकी बेटी डिग्री कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। आर्थिक हालत खराब होने की वजह से वो एक साल से बच्चे की फीस नहीं भर पाए। लिहाजा स्कूल ने अब बच्चे को स्कूल से निकाल दिया है। ऐसे में अर्जुन ने बेटे की फीस भरने के लिए किडनी बेचने का ऐलान कर दिया।
पत्नी रुई की बाती बनाकर चला रही हैं घर खर्च
वहीं अर्जुन की पत्नी रूई की बातियां बनाकर दुकानों पर बेचती हैं। इससे उनके घर के छोटे मोटे खर्च ही निकल पाते हैं। प्राइवेट स्कूल की भारी भरकम फीस जमा कहां से करेंगे, इसलिए किडनी बेचना चाहते हैं। उसके लिए उन्होंने चिट्ठी लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। हालांकि उनकी बेबसी को देखकर समाज सेवी में हाथ मदद के लिए हाथ उठे हैं। लेकिन वह भी ऊंट की भी मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।