Shark Tank India की जज और Emcure की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नमिता थापर ने अपनी जिंदगी का एक अहम अनुभव शेयर किया है। इस बारे में उन्होंने ट्विटर पर बताया है। उन्होंने कहा कि आपने आसपास मुश्किल लोगों को रखना फायदेमंद है। यह हमारे पर्सनल ग्रोथ के लिए जरूरी है।
थापर ने कहा कि ऐसे लोग हमें धैर्य रखना सिखाते हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "मुश्किल लोग भी हमारी पर्सनल ग्रोथ के लिए जरूरी हैं। वे हमें धैर्य रखना सिखाते हैं और यह उनके आक्रामक व्यवहार का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका है। इससे आप हर स्थिति में शांत रहना सीख जाते हैं।"
उन्होंने कहा, "आप चुप मत रहिए। आपके दिमाग में जो बात है उसे बताएं, लेकिन ऐसा शांत और समझदारी के साथ करें। इसका काफी अच्छा असर पड़ता है।"
शार्क टैंक की जज ने यह भी कहा कि असहमति लीडर की सबसे जरूरी खासियतों में से एक है। उनके अनुसार, इससे रचनात्मकता और नवीनता आती है। इससे अच्छा लीडर बनने में मदद मिलती है।
थापर ने यह भी कहा कि उन्होंने कई अच्छे लीडर्स देखे हैं जिन्हें 'यस' कहने की आदत होती है। फिर वे भीड़ की तरह सोचना शुरू कर देते हैं।
उन्होंने ट्वीट में कहा है, "असहमति की संस्कृति से रचनात्मकता और इनोवेशन आती है। भीड़ की तरह सोचने से पुरुष हो या स्त्री ये चीजें खत्म हो जाती हैं। मैंने अच्छे लीडर्स देखे हैं, जिन्हें कहा जाता है कि वे गलत हैं... वे सोचते हैं, स्वीकार करते हैं और अपना लेते हैं।" उन्होंने कहा कि लीडर की एक जरूरी खासियत यह है कि उसे टीम को विरोधी विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मंगलवार को थापर ने यह भी बताया कि उन्होंने क्यों इस स्टोरी को शेयर करना जरूरी समझा। उन्होंने कहा, "मेरी इस स्टोरी को शेयर करने का मकसद सहानुभूति, लोकप्रियता पाना या यह बताना नहीं है कि मैं सब कुछ जानती हूं। इसका मकसद लोगों की मदद करना है, अगर कोई व्यक्ति मुश्किल वक्त में भी अपने आप में भरोसा बनाए रखता है तो इसका मतलब है कि काम पूरा हो गया। "