Sky Bus: अगर आप ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे हैं तो अब काफी राहत मिल सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय (Union Ministry of Road Transport) जल्द ही देश में स्काई बसें दौड़ाने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में दुनिया का तीसरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे बनना शुरू हो चुका है। अब वाराणसी में आसमान में लटकी हुईं उल्टी बसें यानी Sky Bus भी चलते हुए दिखाई देंगी। इन स्काई बसों को देश के 5 शहरों में चलाने की योजना है। ये बसें वाराणसी, गुरुग्राम, पुणे, गोवा और हैदराबाद में चलाई जाएंगी।
स्काई बस की चर्चा भारत में एक बार फिर से शुरू हो चुकी है। जुलाई में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहां था कि स्काई बस सर्विस जल्द ही दिल्ली और गुरुग्राम के बीच शुरू हो सकती है। इन बसों के चलने से लोगों को मेट्रो के सहारे नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही लोगों को ट्रैफिक जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
पूर्व पीएम वाजपेयी का था प्लान
स्काई बस सर्विस शुरू करने की योजना साल 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायजेयी की सरकार में बनी थी। नए साल के अवसर पर पीए मोदी ने इसे गोवा में सबसे पहले शुरू करने की योजना बनाई थी। पहले चरण में इसे मापुसा को पणजी से चलाने की योजना थी। हालांकि यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका। अब इस प्रोजेक्ट को मोदी सरकार आगे बढ़ा रही है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। स्काई बस सर्विस साधारण बस सेवा से बिल्कुल अलग है। यह सड़क के ऊपर लिवेटेड ट्रैक पर बिजली से चलेगी। इससे ईंधन की भी काफी बचत होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें एक बार में करीब 200 लोग बैठ सकते हैं।
गोवा में हुआ था पहला ट्रायल
भारत में स्काई बस के सूत्रधार कोंकण रेलवे के डायरेक्टर रहे बी राजाराम थे। उन्होंने 2004 में गोवा के मझगांव में 1.6 किलोमीटर का ट्रायल ट्रैक कराया था। पर इस पर हुए ट्रायल रन में इंजीनियर की हादसे में मौत के बाद इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। साल 2016 में ट्रैक और पिलर हटा लिए गए। पहले यह प्रोजेक्ट रेलवे के पास था लेकिन अब केंद्रीय परिहन मंत्रालय के पास है।
जानकारों की माने तो इस बस के चलने के लिए सिर्फ स्टेशनों के लिए जमीन की जरूरत पड़ती है। ट्रेन डिवाइडर पर खड़े किए गए पिलर्स पर बिछाए गए ट्रैक पर हुक के सहारे चलती है। जिसकी स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। पिलर के तैयार होते ही स्काई बस की सुविधा शुरू हो जाएगी।