सुधा मूर्ति ने बीते 20 सालों से अपने लिए एक भी साड़ी नहीं खरीदी। भारत की सबसे अमीर महिलाओं में शूमार सुधा मूर्ति दो दशकों से सिर्फ लोगों द्वारा गिफ्ट की गई साड़ियों को ही पहन रही हैं। 73 साल की समाजसेवी अपनी बहनों, करीबी रिश्तेदारों और NGO से मिली साड़ियों को ही पहन रही हैं।एक जमाने में सुधा मूर्ति को शॉपिंग करना बेहद पसंद हुआ करता था। वो कपड़े खरीदतीं और कई आउटफिट्स को इकट्ठा करके रखती थीं। वहीं अब वो अपनी नो शॉपिंग पॉलिसी से बेहद खुश हैं।
सुधा मूर्ति के अंदर ये सारा बदलाव वाराणसी में की गई उनकी एक ट्रिप के बाद आया। जब उन्होंने बेसिक जरूरतों खाना, पानी और दवाइयों के बदले शॉपिंग का त्याग करने का वादा किया था। सुधा मूर्ति कहती हैं कि काशी जाने पर आपको अपनी सबसे पसंदीदा चीज छोड़नी होती है। मुझे शॉपिंग बहुत पसंद थी तो मैंने गंगा को जिंदगी में फिर कभी शॉपिंग ना करने का वादा किया।
सुधा मूर्ति ने बताया कि उनकी मां और बहन ने जिंदगी में उन्हें बहुत कुछ सिखाया। कैसे कम से कम चीजों में भी जिंदगी जी जाती है उनकी ही देन है। छह साल पहले जब मेरी मां गुजरी तो हमें उनकी अलमारी को खाली करने में मुश्किल से आधा या एक घंटा ही लगा क्योंकि उनके पास सिर्फ आठ-दस साड़ियां ही थीं। जब 32 साल पहले मेरी दादी गुजरीं तो उनकी अलमारी में सिर्फ चार ही साड़ियां थीं। उन्होंने इस धरती पर हमेशा कम चीजों के साथ जीवन जिया और यही मेरी बढ़ती उम्र के सबसे बड़े लेसन रहे। मुझे कम चीजों के साथ सादी जिंदगी जीना बेहद आसान लगता है।
सुधा मूर्ति ने बताया कि उनके पति नारायण मूर्ति ने शादी के समय उन्हें दो साड़ियां दी थीं। उन साड़ियों को पाकर मैं बहुत खुश हुई मुझे इससे ज्यादा कुछ और चाहिए भी नहीं था। आज भी मुझे सीजनल ट्रेंड्स समझ नहीं आते हैं। आप कब तक फैशन के साथ-साथ चल सकते हो। वहीं दूसरी ओर सुधा मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति एक ट्रेन्ड फैशन डिजाइनर हैं।
बेटी हैं सुधा मूर्ति से बिलकुल अलग
अक्षता मूर्ति की शादी वर्तमान ब्रिटेन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से 2009 में हुई थी। इस साल की शुरुआत में उन्हें Tatler magazine द्वारा ब्रिटेन की सबसे बेस्ट ड्रेस्ड महिला का खिताब दिया गया था। यूके की फर्स्ट लेडी अपनी मां से बिलकुल अलग हैं। सुधा मूर्ति को हर साल गिफ्ट की जाने वाली दो साड़ियां भी बहुत ज्यादा लगती हैं। ‘मैं उन्हें कहती भी हूं कि बस बहुत हुआ, मेरे पास पहले से ही बहुत हैं।’ सुधा मूर्ति ने अपनी बेटी की शादी में शिवाजी के एक वंशज द्वारा दी गई पीली और लाल पैठानी साड़ी पहनी थी। कहती हैं कि ये साड़ी आज भी इतने सालों के बाद बेहद सुंदर है।