तमिलनाडु में बारिश के तांडव से हाहाकार मचा हुआ है। राज्य के लोग कुदरत की मार झेलने के लिए मजबूर हैं। मंगलवार को चेन्नई और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। जिससे रिहायशी इलाकों और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं चरमरा गईं। जिससे लोगों को आवाजही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग (India Meteorological Department -IMD) ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। अगले 24 घंटे में राज्य के अलग-अलग इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने 17 और 18 अकटूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया है। चेन्नई में कल रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। जिसके कारण कई इलाकों में बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इधर राज्य के राज्य राहत आयुक्त (state relief commissioner) राजेश लखोनी (Rajesh Lakhoni) ने कहा कि चेन्नई के कुछ हिस्सों में 16 सेमी तक बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।
भारी बारिश से कई ट्रेनें और फ्लाइट कैंसिल
राज्य में भारी बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। दक्षिण रेलवे ने कहा कि भारी बारिश की वजह से बेसिन ब्रिज (Basin Bridge) और व्यासपदी (Vyasarpadi) रेलवे स्टेशनों के बीच पानी भर गया है। ऐसे में चार ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। पर्याप्त संख्या में यात्रियों के सेवा का लाभ उठाने के लिए नहीं आने के कारण कम से कम आठ घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं भारी बारिश की वजह से यात्री भी एयरपोर्ट नहीं पहुंच पाए। लिहाजा पर्याप्त यात्री नहीं होने की वजह से 8 घरेलू उड़ानें (domestic flights) रद्द कर दी गई हैं।
इन जिलों के स्कूल-कॉलेज बंद
वहीं भारी बारिश को देखते ही राज्य सरकार पहले ही अलर्ट हो गई थी। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर आज (16 अक्टूबर) समुद्र के तटीय इलाकों के स्कूल-कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसमें चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपेट शामिल हैं।
18 अक्टूबर तक वर्क फ्रॉम होम की सलाह
सरकार ने निजी कंपनियों से 18 अक्टूबर 2024 तक कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम काम कराने की सलाह दी गई है। वहीं मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए चेन्नई कॉरपोरेशन ने एक हेल्पलाइन नंबर 1913 नंबर जारी कर दिया है।
तटीय जिलों में NDRF की टीमें तैनात
वहीं राज्य के 5 तटीय जिलों में NDRF और SDRF की 26 टीमों को तैनात कर दिया गया है। लोगों की आवाजाही के लिए नावें भी तैयार हैं। मेडिकल कैंप और राहत केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी लोगों को घर पर ही राशन पहुंचाने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इमसें बुजुर्गों का खास तौर से ध्यान रखा गया है।