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Traffic Rules: वाहन चलाने के लिए यह सर्टिफिकेट है बेहद जरूरी, नहीं बनवाए तो 10000 रुपये का लग जाएगा चूना

Traffic Rules: अगर आप सड़क पर वाहन चला रहे हैं तो ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। वहीं मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के आने के बाद से ही गाड़ी से होने वाले पॉल्यूशन को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। इसके कारण ही सरकार ने PUC सर्टिफिकेट यानी कि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट को गाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया है

Jitendra Singhअपडेटेड Mar 27, 2024 पर 4:04 PM
Traffic Rules: वाहन चलाने के लिए यह सर्टिफिकेट है बेहद जरूरी, नहीं बनवाए तो 10000 रुपये का लग जाएगा चूना
Traffic Rules: PUC सर्टिफिकेट नहीं होने पर 10,000 रुपये चालान भरना पड़ सकता है।

Traffic Rules: भारत में कुछ सालों से पॉल्यूशन काफी इजाफा हुआ है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने गाड़ी से होने वाले प्रदूषण को लेकर काफी सख्ती बरती है। इसके साथ ही PUC यानी कि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट को सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद बढ़ते एयर पॉल्यूशन को कम करने का है। आपको बता दें PUC देते समय ये देखा जाता है कि कोई गाड़ी तय किए गए स्टैंडर्ड से ज्यादा पॉल्यूशन तो नहीं कर रही है। जब गाड़ी का पॉल्यूशन टेस्ट हो जाएगा तभी उसे सर्टिफिकेट दिया जाता है।

नई गाड़ी लेने पर PUC सर्टिफिकेट गाड़ी को खरीदते समय ही दिया जाता है। यह सिर्फ एक साल के लिए वैलिड रहता है। एक साल बाद आपको फिर से गाड़ी का PUC टेस्ट कराना होगा। जिसके बाद आपको नया सर्टिफिकेट मिल जाएगा। इसकी वैलिडिटी 3 से 6 महीने तक की ही होती है। इसे बनाने के लिए आपको मात्र 60 से 100 रुपये ही फीस देना होगा। PUC सार्टिफिकेट नहीं होने पर 10,000 रुपये तक चालान काटा जा सकता है।

ऐसे बनावाएं PUC सर्टिफिकेट

कार के लिए ये PUC सर्टिफिकेट एक साल तक का बन जाता है। वहीं बाइक के लिए तीन महीने की वैलिडिटी होती है। हर तीन महीने में आपको नया PUC बनवाना होता है। ऐसा नहीं करने पर पुलिस आपका भारी चालान कर सकती है। कार के लिए इसकी फीस करीब 100 रुपये और बाइक या स्कूटर के लिए 70 या 80 रुपये तक होती है। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाने में करीब पांच से 10 मिनट का ही समय लगता है। इस सर्टिफिकेट को बनवाने के लिए आपको PUC सेंटर पर जाना होगा। यह पेट्रोल पंप पर भी मिल जाएगा। यहां पर वाहन की जांच होती है। फिर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। जिस गाड़ी का पॉल्यूशन लेवल हाई होता है उसका पीयूसी नहीं बनता है।

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