Koo Layoff: ट्विटर (Twitter) की भारतीय प्रतिद्वंद्वी या कहे देसी वर्जन कू (Koo) ने हाल के महीनों में अपनी लगभग एक तिहाई वर्कफोर्स को हटा दिया है क्योंकि कंपनी बीते कई महीनों से नुकसान झेल रही है। ब्लूमबर्ग ने 20 अप्रैल को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि वह पैसा जुटाने में असफल रही है। कंपनी ने अपने 260 कर्मचारियों में से 30 फीसदी कर्मचारियों को हटा दिया है। हालांकि, कंपनी ने कहा कि वह हटाए गए कर्मचारियों की बेनेफिट्स देकर मदद कर रही है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने ब्लूमबर्ग न्यूज को बताया कि माइक्रोब्लॉगिंग एप्लिकेशन कंपनी Koo ने अपने 260 कर्मचारियों में से 30 प्रतिशत को हटा दिया है। उन्होंने कहा कि अभी ग्लोबल सेंटीमेंट ग्रोथ से ज्यादा किफायत पर ज्यादा फोकस है। अब कारोबार को यूनिट्स को आर्थिक स्तर पर अपने आप को प्रूव करने की दिशा में काम करना होगा। हालांकि, इस रिपोर्ट पर मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से वैरिफाई नहीं कर पाया है।
स्टार्टअप्स को नहीं मिल रहे फंड्स
बेंगलुरु की तीन साल पुरानी कंपनी को भारतीय अधिकारियों के साथ ट्विटर के विवाद से फायदा हुआ। क्योंकि, सरकारी अधिकारियों और बॉलीवुड हस्तियों सहित कई नागरिक लोकल ऐप कू के पास आए। हालांकि, कंपनी को फिलहाल फंड लेने में दिक्कतें आ रही हैं। ग्लोबल स्तर पर आईटी कंपनियों को हो रही परेशानी और इन्वेस्टमेंट कम होने का असर लंबी उड़ान के लिए तैयार स्टार्टअप्स पर पड़ रहा है।
कंपनी हटाए गए कर्मचारियों की कर रही है मदद
कू में टाइगर ग्लोबल का पैसा लगा हुआ है। कू के 60 मिलियन यानी 6 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं और इसके निवेशकों में एक्सेल और कलारी कैपिटल भी शामिल हैं। रिसर्च फर्म Trackxn के मुताबिक इसने 2022 में 273 मिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर फंड जुटाया था। प्रवक्ता ने ब्लूमबर्ग को बताया कि स्टार्टअप ने निकाले गए कर्मचारियों को मुआवजा पैकेज, एक्सटेंडेड हेल्थ बेनेफिट्स और नई नौकरी खोजने में मदद कर रहा है।