US Embassy अगले कुछ हफ्तों में H और L वर्कर्स वीजा कैटेगरी में 1,00,000 स्लॉट्स ओपन करेगा। वह नवंबर के मध्य में स्टूडेंट वीजा (Student Visa) के लिए फिर से इंटरव्यू शुरू करेगा। दिल्ली स्थित यूएस एम्बेसी में कंसुलर अफेयर्स के मिनिस्टर काउंसर डॉन हेफलिन (Don Heflin) ने यह जानकारी दी।
उन्होंने अमेरिकी वीजा को लेकर आवदेकों की चिंता दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि एच और एल वीजा कैटेगरी के लिए अगले कुछ हफ्तों में एक लाख अप्वॉइंटमेंट ओपन हो जाएंगे। उन्होंने यह माना कि B1(बिजनेस) और B2(विजिटर) वीजा के लिए इंडियन आवेदकों को सबसे ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
इंडिया में स्थित सभी अमेरिकन एम्बेसीज में अप्वॉइंटमेंट के लिए वेटिंग टाइम कम से कम 800 दिन है। मुंबई में यह 848 दिन है, जबकि दिल्ली में 833 दिन है। हेफलिन ने कहा कि कोरोना की महामारी के दौरान एम्बेसी ने स्टाफ की संख्या घटाई थी। इस वजह से वीजा जारी होने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हफ्ते की शुरुआत में इंडियन आवेदकों को वीजा जारी होने में हो रही देर के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोली ब्लिंकेन से बात की थी। उसके बाद अमेरिकी एम्बेसी की तरफ से यह बयान जारी किया गया है।
हेफलिन ने कहा, "कोविड और उसके बाद स्टाफ को लेकर समस्या अब खत्म हो रही है। कोविड की महामारी जब अपने चरम पर थी तो हमारे स्टाफ की संख्या जितनी होनी चाहिए, उसकी 50 फीसदी थी। अब यह 70 फीसदी पर पहुंच गई है। अगले साल सितंबर से पहले इसके 100 फीसदी पर पहुंच जाने की उम्मीद है.. उसके बाद हम कोविड से पहले की तरह सभी अप्लिकेशंस को हैंडल कर सकेंगे।"
इससे पहले यूएस एम्बेसी ने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अमेरिका जाने के लिए नॉन-इमिग्रेशन वीजा के लिए बतौर टेंपररी विजिटर अप्लाई करना चाहता है तो उसे इंटरव्यू के लिए करेंट वेटिंग टाइम को देख लेने की सलाह है। इसके लिए वेबसाइट पर उपलब्ध एक टूल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
US Embassy and Consulates ने 27 सितंबर को अपनी वेबसाइट पर बताया था कि इंडियन लोगों की तरफ से वीजा (Visa) के बहुत ज्यादा अप्लिकेशंस मिले हैं। इस वजह से सभी ट्रैवलर के वीजा अप्लिकेशन को उनकी ट्रैवल डेट से पहले प्रोसेस करना मुश्किल है। इससे वैसे ट्रैवलर पर भी असर पड़ सकता है, जिनके ट्रैवल का समय और मकसद बहुत संवेदनशील है।