देश की सबसे तेज चलने वाली और पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदेभारत एक्सप्रेस को देश भर में काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है। वंदेभारत की औसत स्पीड 160 KM/PH है साथ ही इसमें कई सारी मॉडर्न और हाईटेक सुविधाएं देखने को मिलती हैं जिस वजह से इस ट्रेन को यात्री काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। देश में फिलहाल 10 रूटों पर वंदेभारत ट्रेनों को चलाया जा रहा है। अब ऐसी उम्मीदें हैं कि अगले ही महीने यानी अप्रैल 2023 से दो नई रूटों पर चार नई वंदे भारत ट्रेनों को चलाया जा सकता है।
अजमेर से दिल्ली के बीच चलेगी वंदेभारत ट्रेन
अप्रैल में पहली वंदेभारत ट्रेन राजस्थान के अजमेर से नई दिल्ली के बीच चलाई जा सकती है। अजमेर से नई वंदेभारत ट्रेन सुब 6.10 बजे नई दिल्ली के लिए रावाना होगी। यह ट्रेन सुबह 7.55 बजे जयपुर पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन सुबह 9.41 बजे अलवर पहुंचेगी और फिर सुबह 10.50 बजे यह ट्रेन रेवाड़ी पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन सुबह 11.25 गुड़गांव पहुंचेगी और फिर दोपहर 12.15 बजे यह ट्रेन नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शाम 6.10 बजे अजमेर के लिए रावाना होगी।
भोपाल से नई दिल्ली के बीच चलेगी वंदेभारत ट्रेन
वहीं अप्रैल में दूसरी वंदेभारत ट्रेन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से नई दिल्ली के बीच चलाई जाएगी। यह मध्य प्रदेश में चलने वाली पहली वंदेभारत ट्रेन होगी। इस ट्रेन का संचालन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के लिये किया जाएगा। यह ट्रेन इस रूट पर चलने वाली सबसे तेज ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस से भी एक घंटे कम समय में दिल्ली से भोपाल के बीच की दूरी को तय करेगी।
फिलहाल इन 10 रूटों पर चलाई जा रही वंदेभारत ट्रेन
देश की पहली वंदेभारत ट्रेन को वाराणसी के नई दिल्ली के बीच चलाया गया था। जबकि दूसरी वंदेभारत ट्रेन नई दिल्ली से कटरा के बीच चलाई गई थी। वहीं तीसरे वंदेभारत ट्रेन गांधी नगर से मुंबई के बीच चलाई गई थी। चौथी वंदेभारत नई दिल्ली से अंब अंदौरा स्टेशन हिमाचल के बीच शुरू की गयी थी। पांचवीं वंदेभारत को चेन्नई से मैसूर के बीच चलाया गया था। वहीं छठी वंदेभारत ट्रेन को नागपुर से बिलासपुर के बीच चलाया गया था। सातवीं वंदेभारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी और आठवीं वंदेभारत सिकंदराबाद से विशाखपट्टनम के बीच शुरू की गयी थी। नौंवीं वंदेभारत ट्रेन मुंबई से सोलापुर के बीच और दसवीं वंदेभारत ट्रेन मुंबई से शिरडी के बीच चलाई गई थी।