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Vaping है सेहत का दुश्मन, इसका कश शरीर के इन अंगों को कर देगा छलनी

Vaping: आपने कई बार सुना होगा कि सिगरेट की लत छोड़ने के लिए लोग वेपिंग का सहारा लेते हैं। हालांकि वेपिंग भी उतनी ही खतरनाक है जितनी सिगरेट। आजकल ई-सिगरेट का चलन तेजी से बढ़ा है। कई स्टडी में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट फेफड़ों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रही है। इसके साथ ही वेपिंग करने वालों में कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है

Jitendra Singhअपडेटेड Mar 12, 2023 पर 4:30 PM
Vaping है सेहत का दुश्मन, इसका कश शरीर के इन अंगों को कर देगा छलनी
ई-सिगरेट को सोशल मीडिया पर काफी ग्लैमरस अंदाज में दिखाया जाता है। लेकिन यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है

Vaping: इलेक्ट्रॉनिक सिरगरेट जिसे आमतौर पर ई-सिगरेट भी कहा जाता है। भारत सरकार ने साल 2019 में इस चीज के प्रोडक्शन, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और विज्ञापन पर पूरी तरह बैन लगा दिया था। इसे प्रोहिबिशन ऑफ ई सिगरेट एक्ट 2019 (Prohibition of E-cigarettes Act, 2019) कहते हैं। इसके बावजूद भारत में आज भी गैर कानूनी तरीके से इसकी सप्लाई और इस्तेमाल जारी है। युवाओं में इसका शौक काफी ज्यादा बढ़ चुका है। यह बुरी लत शरीर को खोखला कर देती है।

ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाले ऐसी डिवाइस है। जिनमें लिक्विड भरा रहता है। यह निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्‍स का घोल होता है। जब कोई व्यक्ति ई-सिगरेट का कश खींचता है तो हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप (vapour) में बदल देती है। इसीलिए इसे स्‍मोकिंग की जगह vaping (वेपिंग) कहा जाता है।

वेपिंग के नुकसान

हम जानते हैं कि तंबाकू से भरी सिगरेट पीने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे ही ई-सिगरेट भी काफी नुकसादायक होती है। इसमें Diethylene Glycol नामक खतरनाक केमिकल होता है जो बच्चों और युवाओं दोनों के लिए हानिकारक होता है। ई-सिगरेट (E-Cigarette) पीने वाले और आसपास में मौजूद लोगों, दोनों को नुकसान पहुंचाता है। इससे सांस लेने में परेशानी (Breathing Difficulties) पैदा हो जाती है। लिहाजा जितना जल्दी हो सके। ई-सिगरेट को बॉय बॉय कर लें। वेपिंग का असर हमारे फेफड़ों पर भी पड़ता है। इससे जान भी जा सकती है। इसमें लगातार खांसना, लंग इंजरी (Lung Injury) आदि शामिल हैं।

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