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BitCoin के इस स्कैम में आया राज कुंद्रा का नाम, इस काम के लिए मिले थे ₹150 करोड़ के बिटक्वॉइन

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन (BitCoin) की रॉकेट स्पीड ने कई निवेशकों को अपनी तरफ आकर्षित किया। इसे लेकर कई फर्जीवाड़ा के मामले भी सामने आए। अब बिटक्वॉइन से जुड़े पोंजी स्कैम (Bitcoin Ponzi Scam) में बिजनसमैन और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) के पति राज कुंद्रा (Raj Kundra) का नाम भी सामने आया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 19, 2024 पर 7:12 PM
BitCoin के इस स्कैम में आया राज कुंद्रा का नाम, इस काम के लिए मिले थे ₹150 करोड़ के बिटक्वॉइन
BitCoin पोंजी स्कैम से जुड़े मामले में राज कुंद्रा के पास अभी भी 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक है।

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन (BitCoin) की रॉकेट स्पीड ने कई निवेशकों को अपनी तरफ आकर्षित किया। इसे लेकर कई फर्जीवाड़ा के मामले भी सामने आए। अब बिटक्वॉइन से जुड़े पोंजी स्कैम (Bitcoin Ponzi Scam) में बिजनसमैन और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) के पति राज कुंद्रा (Raj Kundra) का नाम भी सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच में उनके मुंबई के जुहू में स्थित आवासीय फ्लैट, पुणे में एक बंगला और 98 करोड़ रुपये के शेयर जब्त कर चुकी है। राज कुंद्रा की बात करें तो जुलाई 2021 में चार महिलाओं की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। महिलाओं का आरोप था कि राज कुंद्रा ने वेब सीरीज में एक्टिंग कराने के वादे पर उनसे पोर्नोग्राफिक कंटेंट शूट कराया। पिछले साल सितंबर में वह आर्थर जेल से बाहर आए।

किस BitCoin Ponzi Scam में फंसे राज कुंद्रा

अजय भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज और अमित भारद्वाज ने वैरिएभल टेक के नाम से कंपनी शुरू की और बिटक्वॉइन पोंजी स्कीम शुरू की थी। यह घोटाला तब सामने आया, जब निवेशकों की याचिका पर महाराष्ट्र और दिल्ली की पुलिस ने कई एफआईआर फाइल किए। जांच में सामने आया कि वैरिएबल टेक के प्रमोटर्स ने निवेशकों से 6600 करोड़ रुपये के बिटक्वॉइन कलेक्ट किए। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि इनका इस्तेमाल बिटक्वॉइन माइनिंग में होगा और हर महीने 10 फीसकी का रिटर्न मिलेगा। शुरुआत में निवेशकों को हाई रिटर्न मिला भी लेकिन बाद भी निवेशकों को चपत लग गई।

इस मामले में 2018-19 में कुछ निवेशक दिल्ली और महाराष्ट्र के पास अपनी गुहार लेकर पहुंचे और फिर कई एफआईआर दर्ज हुए। इस मामले में वैरिएबल टेक और इसके प्रमोटर्स अमित भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिंपी भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए। कुछ मल्टीपल लेवल मार्केटिंग (MLM) एजेंट्स के खिलाफ भी मामले दर्ज हुए। ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक्ट के तहत एन्फोर्समेंट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दाखिल किया जो एफआईआर की तरह ही होता है। ईडी के मुताबिक प्रमोटर्स ने प्रमोटरों ने निवेशकों से गलत तरीके से कमाए गए बिटकॉइन को एक ऑनलाइन वॉलेट में छुपाया और उन्हें 10% का वादा करके धोखा दिया।

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