West Bengal Teacher Recruitment Scam: कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने पश्चिम बंगाल के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा-2016 (SLST) की चयन प्रक्रिया सोमवार (22 अप्रैल) को अमान्य घोषित कर दी। इसके जरिए हुई सभी 25,753 नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने टीचर्स भर्ती रद्द करने के अलावा अवैध नियुक्ति पर काम कर रहे शिक्षकों से 7-8 साल के दौरान मिली सैलरी भी वापस लेने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस देबांग्शु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बार राशिदी की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में और जांच करने तथा तीन महीनों में एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। पीठ ने पश्चिम बंगाल विद्यालय सेवा आयोग को नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया। बात दें कि 25,753 खाली पदों के लिए 23 लाख से अधिक अभ्यथिर्यों ने परीक्षा दी थी।
जारी हो गए थे नियुक्ति पत्र
कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील फिरदौस शमीम ने कहा कि इन पदों के लिए कुल 25,753 नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। खंडपीठ ने आदेश पर रोक लगाने के कुछ अपीलकर्ताओं के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसके परिसर के बाहर इंतजार कर रहे सैकड़ों आकांक्षी खुशी में रो पड़े।
उनमें से एक ने पीटीआई से कहा, "हम इस दिन का इंतजार कर रहे थे। सड़कों पर किए वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार न्याय मिल गया है।" सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा गठित खंडपीठ ने एसएलएसटी-2016 के जरिए 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के शिक्षकों तथा ग्रुप-म और D पदों पर एसएससी द्वारा नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के चयन से संबंधित कई याचिकाओं तथा अपीलों पर विस्तारपूर्वक सुनवाई की।
मामले में सुनवाई 20 मार्च को पूरी हुई थी और पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल पीठ ने एसएलएसटी-2016 में बैठे लेकिन नौकरी न पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों की रिट याचिकाओं पर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने अनियमितताएं पाए जाने के बाद शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों की कई नौकरियों को खत्म करने का भी आदेश दिया था।
इस मामले के संबंध में याचिकाओं का निस्तारण करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2023 को कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से एसएलएसटी-2016 के जरिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाओं तथा अपीलों पर सुनवाई के लिए एक खंडपीठ गठित करने का अनुरोध किया था।
CBI ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस मामले की जांच पूरी की और एक रिपोर्ट हाई कर्ट को सौंप दी थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और कथित घोटाले के वक्त पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) में विभिन्न पदों पर रहे कुछ पदाधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है।