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Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि के मौत मामले की होगी CBI जांच, योगी सरकार ने की सिफारिश

महंत नरेंद्र गिरि का शव सोमवार को प्रयागराज स्थित उनके कमरे में मिला था

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 23, 2021 पर 12:20 PM
Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि के मौत मामले की होगी CBI जांच, योगी सरकार ने की सिफारिश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri Death) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। गृह विभाग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सरकार के फैसले की जानकारी बुधवार देर रात दी गई।

यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति केंद्र सरकार से की गई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रसिद्ध बाघम्बरी पीठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि का शव सोमवार को प्रयागराज स्थित उनके कमरे में मिला था।

पुलिस को सूचना देने से पहले मठ के सेवादारों ने शव को फंदे से उतार लिया था और पुलिस के पहुंचने से पहले वहां अनुयायियों की भीड़ एकत्र हो चुकी थी। शव के पास पुलिस को 12 पन्ने का सुसाइड नोट मिला था जिसके अनुसार उन्होंने खुदकुशी की थी।

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इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत गिरि की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। महंत गिरि के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी ने मिलकर मेरे साथ विश्वासघात किया। प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध करता हूं। मेरे आत्महत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने महंत की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि और बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी अद्या तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी को हिरासत में ले लिया। सुसाइड नोट में इन तीनों को आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराया गया है। एसआईटी ने बुधवार शाम चार बजे आनंद और अद्या को अदालत में पेश किया, सीजेएम हरेंद्र तिवारी ने आरोपियों के उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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