Atomberg IPO: एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज आईपीओ में नए शेयरों से 450 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी होगा। इसके जरिए कुछ पुराने इनवेस्टर्स 7.65 करोड़ शेयर बेच सकते हैं। कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल बिजनेस की ग्रोथ और बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए करेगी।
2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत
Atomberg Technologies की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर मुंबई है। कंपनी फैंस सहित कई दूसरे इलेक्टिकल प्रोडक्ट्स बनाती है, जिनमें बिजली का काफी कम इस्तेमाल होता है। इसके सिलिंग पंखों ने मार्केट में बड़े बदलाव लाए हैं। कंपनी ने ICICI Securities, Avendus Capital और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है।
आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी होगा
कंपनी के आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स को अपने शेयर्स बेचने का मौका मिलेगा। इनमें A91 Partners शामिल है, जिसने अपने इमर्जिंग फंड I के जरिए निवेश किया है। यह आईपीओ में सबसे ज्यादा 3.77 करोड़ शेयर बेचेगी। टेमासेक की V-Sciences Investments 1.22 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि Jungle Ventures अपने JV4 के जरिए 99.5 लाख शेयर बेचेगी।
कई शुरुआती निवेशकों को तगड़ा मुनाफा
एटमबर्ग का आईपीओ कई शुरुआती निवेशकों को मोटा मुनाफा कमाने का मौका देगा। सबसे ज्यादा मुनाफा Survam को हो सकता है, जिसने सिर्फ 6.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। Steadvies ने प्रति शेयर 60.60 रुपये की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। V-Sciences ने प्रति शेयर 59.68 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर निवेश किया था, जबकि A91 ने सिर्फ प्रति शेयर 9.02 रुपये की कीमत पर निवेश किया था।
कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल यहां करेगी
Survam को अपने रिटर्न पर Steadview के मुकाबले करीब 9.1 गुना ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने जितनी कम कीमत पर शेयरों में निवेश किया था, उन्हें उतना ज्यादा मुनाफा होगा। कंपनी ने कहा है कि वह नए शेयर इश्यू करने से मिले 450 करोड़ रुपये में से 150 करोड़ का इस्तेमाल ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए करेगी। 100 करोड़ का निवेश रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए करेगी। 90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
बीते तीन वित्त वर्ष से कंपनी लॉस में है
पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर्स में से हर ईयर में कंपनी को लॉस हुआ है। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 148.9 करोड़ रुपये हो गया। यह FY25 में 117.4 करोड़ रुपये और FY24 में 199.1 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में निगेटिव हो गया। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी ऑपरेशंस सिर्फ पुणे के आसपास केंद्रित है। यह एक रिस्क है।