Dhoot Transmission IPO: धूत ट्रांसमिशन ने गोपनीय तरीके से दाखिल किए IPO के दस्तावेज, बेन कैपिटल का है बड़ा निवेश

Dhoot Transmission Confidential IPO: राहुल धूत द्वारा 1999 में स्थापित यह कंपनी आज ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र के मूल उपकरण निर्माताओं के लिए एक प्रमुख सप्लायर बन चुकी है। कंपनी की सफलता को देखते हुए दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल ने जनवरी 2025 में इसमें निवेश किया था, जिसकी वर्तमान में कंपनी में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 3:17 PM
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इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री भी शामिल होगी

Dhoot Transmission IPO: ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी धूत ट्रांसमिशन ने SEBI के पास अपने आईपीओ के लिए कॉन्फिडेंशियल दस्तावेज जमा किए है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 2,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री (OFS) भी शामिल होगी। कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का विकल्प चुनने से कंपनी को शुरुआती फेज में सार्वजनिक जांच से दूर रहकर अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।

बेन कैपिटल की है 49% हिस्सेदारी

राहुल धूत द्वारा 1999 में स्थापित यह कंपनी आज ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र के मूल उपकरण निर्माताओं के लिए एक प्रमुख सप्लायर बन चुकी है। कंपनी की सफलता को देखते हुए दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल ने जनवरी 2025 में इसमें निवेश किया था, जिसकी वर्तमान में कंपनी में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। धूत ट्रांसमिशन मुख्य रूप से वायरिंग हार्नेस, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर, ऑटोमोटिव केबल और बैटरी पैक जैसे महत्वपूर्ण कलपुर्जे बनाती है, जिनका उपयोग दोपहिया वाहनों से लेकर चिकित्सा उपकरणों तक में किया जाता है।


वैश्विक विस्तार के साथ मजबूत है ग्राहक बेस

धूत ट्रांसमिशन ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कंपनी का कारोबार आज तीन महाद्वीपों के आठ देशों में फैला हुआ है। अपनी विदेशी विस्तार रणनीति के तहत, कंपनी ने ब्रिटेन में मार्केटिंग ऑफिस खोलने के साथ-साथ स्कॉटलैंड की TFC केबल्स, ब्रिटेन की पार्किंसन हार्नेस और सैन इलेक्ट्रोमेक जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया है। आज इसके ग्राहकों की सूची में बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, होंडा और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो इसकी गुणवत्ता और बाजार में पैठ को दर्शाते है।

शानदार रहा है वित्तीय प्रदर्शन

CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, धूत ट्रांसमिशन वायरिंग हार्नेस और केबल सेगमेंट में भारत के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक है। वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022 में इसका राजस्व ₹1,550 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर ₹2,653 करोड़ हो गया है। विशेष बात यह है कि कंपनी की कुल कमाई का 15-20 प्रतिशत हिस्सा इसके विदेशी परिचालन से आता है। इस आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने और भविष्य के विस्तार कार्यों के लिए कर सकती है।

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