Campus Activewear IPO: फूटवियर कंपनी कैंपस एक्टिववेयर का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) बुधवार को अपने दूसरे दिन तक 3.21 गुना सब्सक्राइब हुआ। NSE पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने आईपीओ के तहत 3,36,25,000 शेयर जारी किया है, जिसके मुकाबले उसे 10,79,78,526 शेयरों के लिए बोली मिली है।
कंपनी को सबसे अधिक बोली नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) से मिला है, जिन्होंने अपने हिस्से के लिए आरक्षित शेयरों का 5.67 गुना बोली लगाई है। वहीं रिटेल निवेशकों ने अपने हिस्से के शेयरों के लिए 3.94 गुना अधिक बोली लगाई है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित शेयरों का हिस्सा अभी सिर्फ 13 फीसदी भरा है।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है IPO
ऑफर फॉर सेल (OFS) में हरि कृष्णा अग्रवाल 80 लाख शेयर, निखिल अग्रवाल 45 लाख शेयर, TPG ग्रोथ III SF Pte ने 2.91 करोड़ शेयर और 60.5 लाख QRG एंटरप्राइज बेचने वाले हैं। इनके अलावा राजीव गोयल और राजेश कुमार गुप्ता भी 3 लाख शेयर बेचेंगे। फिलहाल कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 78.21% है। कंपनी में TPG ग्रोथ की 17.19% और QRG Enterprises के पास 3.86% स्टेक है।
Campus Activewear IPO GMP
बाजार के जानकारों के मुताबिक, Campus Activewear के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम बुधवार को 105 रुपए रहा। कंपनी का इश्यू प्राइस 278-292 रुपए है। इस हिसाब से देखें तो कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में 397 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे हैं, जो इसके इश्यू प्राइस से करीब 30% अधिक है।
क्या आपको करना चाहिए सब्सक्राइब?
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने Campus Activewear के IPO 'सब्सक्राइब' करने की सलाह दी है। आनंद राठी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि निवेशक इश्यू की वाजिब प्राइसिंग और अट्रैक्टिव वैल्यूएशन पर भरोसा कर सकते हैं। फुटवियर सेगमेंट में Campus Activewear का कामकाज आने वाले दिनों में बढ़ने वाला है।
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि 292 रुपए के हायर प्राइस बैंड के मुताबिक, फिस्कल ईयर 2023 के अंत के लिए P/E 64 और फिस्कल ईयर 2024 के अंत के लिए P/E 52 है।
कैसी है कंपनी की बैलेंस-शीट
कैंपस एक्टिवेयर ने 2005 में कैंपस ब्रांड शुरू किया था। यह लाइफस्टाइल-ओरिएंटेड स्पोर्ट्स और फुटवियर कंपनी है जो डायवर्स प्रोडक्ट पोर्टफोलियो ऑफर करती है। दिसंबर 2021 को खत्म 9 महीनों में कैंपस एक्टिवेयर का प्रॉफिट सालाना आधार पर 403% बढ़कर 84.80 करोड़ रुपए रहा। हालांकि इसके दमदार ग्रोथ के पीछे एक बड़ी वजह लो बेस का होना था। सालाना आधार पर कंपनी की आमदनी 93% बढ़कर 841.8 करोड़ रुपए रही।