स्विगी के IPO की कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग को सेबी की हरी झंडी, नवंबर में लॉन्च हो सकता है इश्यू

फूड और ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म स्विगी को अपने IPO की कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी से हरी झंडी मिल गई है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर यह जानकारी दी है। एक सूत्र ने बताया, ' कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग रूट के तहत इस अनुमति के बाद दो अपडेटेड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स) सौंपे जाएंगे। एक DRHP में सेबी के कमेंट्स का जवाब दिया जाएगा, जबकि दूसरे में 21 दिनों तक पब्लिक कमेंट्स मांगे जाएंगे

अपडेटेड Sep 24, 2024 पर 8:15 PM
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Swiggy के IPO का काफी लंबे समय से इंतजार हो रहा है।

फूड और ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) को अपने IPO की कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी से हरी झंडी मिल गई है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर यह जानकारी दी है। एक सूत्र ने बताया, ' कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग रूट के तहत इस अनुमति के बाद दो अपडेटेड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स) सौंपे जाएंगे। एक DRHP में सेबी के कमेंट्स का जवाब दिया जाएगा, जबकि दूसरे में 21 दिनों तक पब्लिक कमेंट्स मांगे जाएंगे। इसके बाद ही RHP (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स) फाइल किया जाएगा और IPO लॉन्च होगा।'

एक दूसरे शख्स ने बताया, ' मौजूदा समयसीमा के आधार पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, स्विगी के इश्यू को नवंबर में लॉन्च किया जा सकता है। अब एंकर इनवेस्टर्स के साथ चर्चा शुरू होगी।' इस सिलसिले में स्विगी से संपर्क नहीं किया जा सका। सेबी ने नवंबर 2022 में कॉन्फिडेँशियल फाइलिंग का नियम पेश किया है। अमेरिकी बाजार में यह प्रचलन काफी आम है। इस रूट के तहत IPO फाइल करने वाली कंपनी को प्री-फाइलिंग रूट के जरिये अपने ऑफर डॉक्युमेंट को तब तक गोपनीय रखना पड़ता है, जब तक वह IPO प्लान तैयार नहीं कर लेती है।

डायरेक्ट-टू- होम प्लेटफॉर्म, टाटा प्ले (टाटा स्काई) अपने IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल पेपर फाइल करने वाली पहली कंपनी थी। कंपनी ने बाद में अपने लिस्टिंग प्लान को टाल दिया था। ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेगमेंट में बढ़ते कॉम्पिटिशन के मद्देनजर स्विगी ने हाल में अपने IPO का साइज बढ़ाकर 1.4 अरब डॉलर कर दिया है। कंपनी को जोमैटो के मालिकाना हक वाली इकाई ब्लिंकिट, जेप्टो और बिगबास्केट जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रही है।


वित्त वर्ष 2024 में स्विगी का रेवेन्यू 36 पर्सेंट बढ़कर 11,247 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 8,265 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में इसका नुकसान 44 पर्सेंट घटकर 4,179 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का नुकसान 2,350 करोड़ रुपये था।

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