Jio Platforms की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। लिस्टिंग के तुरंत बाद कंपनी वैल्यू के लिहाज से नंबर टू कंपनी बनती हुई दिखी है। वहीं, टेलीकॉम सेक्टर की बात करें तो यह इस सेक्टर की नंबर वन बन गई है। ऐसे में स्टॉक के आगे के आउटलुक पर बात करते हुए कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा ने कहा कि स्टॉक की लिस्टिंग ग्रे मार्केट प्रीमियम के हिसाब से हुई है। यह मार्केट की माइलस्टोन लिस्टिंग है। इस समय बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है ऐसे में एक मजबूत लिस्टिंग की जरूरत भी थी। इससे बाजार को भी सपोर्ट मिला है। अगर यह लिस्टिंग कमजोर होती तो बाजार का सेंटीमेंट और खराब होता।
लेकिन यहां से अगर इस स्टॉक में इन्क्रीमेंटल निवेश करना है तो हमें दो ट्रिगर्स की जरूरत होगी। ARPU में टिकाऊ ग्रोथ चाहिए। ध्यान रखिए की 215-216 रुपए के ARPU में एबिटडा ग्रोथ 14-15 फीसदी से ज्यादा नहीं आएगा। लिस्टिंग के बाद के वैल्यूएशन जंप के बाद कंपनी ऑलरेडी 130 बिलियन के आसपास के वैल्यूएशन पर है। ऐसे में नियर टर्म ट्रिगर के लिए ARPU में बढ़त की जरूरत है। टैरिफ में बढ़ोतरी से ही ऐसा हो सकता है।
कंपनी एक जगह जहां अच्छा कर रही है वह है इसका होम ब्रॉड बैंड। कंपनी यह अपनी खुद की टेक्नोलॉजी यूज करती है। इसे अन लाइसेंस बैंड रेडियो या यूवीआर बोलते है। Jio एयर फाइबर में इसी का इस्तेमाल होता है। हर नए 100 कनेक्शन में 70-75 जियो में जा रहे हैं। भारती एयरटेल मोबाइल कनेक्शन में जियो से बहुत पीछे नहीं है। लेकिन होम कनेक्टिविटी में भारती एयरटेल की तुलना में जियो बहुत आगे है। ये सेगमेंट आगे 30-40 फीसदी की दर से ग्रो कर सकता है और ARPU में भी बड़ा योदान दे सकता है।
कंपनी के लिए तीसरा ट्रिगर होगा डिजिटल सर्विसेज का। अभी कंपनी के रेवेन्यू में डिजिटल सर्विसेज का सिर्फ 10-11 फीसदी योगदान है। आगे हमें यह देखना होगा की कंपनी डिजिटल सर्विसेज के विस्तार के लिए अपने कस्टरमर बेस का कितना और किस तरीके से इस्तेमाल कर पाती है।
स्टॉक पर बात करते हुए गुरुमीत चड्ढा ने कहा कि नियर टर्म में जियो की अपसाइड लिमिटेड हो सकती है। लेकिन लॉन्ग टर्म के नजरिए से देखें तो अगले 3-5 साल के नजरिए से इस स्टॉक को धीरे-धीरे एक्युमुलेट किया जा सकता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग पर चर्चा करते हुए Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की अच्छी शुरुआत हुई है। जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की प्राइसिंग काफी अच्छी थी। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशकों को डिस्काउंट मिला। फ्यूचर टेक्नोलॉजी के लिए जियो जियो प्लेटफॉर्म्स बेहतरीन प्ले है। इसके APRU में बढ़ोतरी की गुंजाइश है।
DRChoksey FinServ के MD देवेन चोकसी की राय है कि जियो प्लेटफॉर्म्स में धीरे-धीरे निवेश करते रहना चाहिए। जियो प्लेटफॉर्म्स में हर फंड की हिस्सेदारी संभव है।
जियो लिस्टिंग पर मार्केट एक्सपर्ट राकेश बंसल ने कहा कि जियो को सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी के तौर पर मत देखिए जियो भारत का डिजिटल इंफ्रा प्लेटफॉर्म है। इसके 500 Mn से ज्यादा ग्राहक, अपना टेक स्टैक और JioBrain जैसे AI प्लेटफॉर्म हैं। Cloud, IoT और कंटेट सर्विस, कनेक्टिविटी नींव है। इश्यू प्राइस पर वैल्युएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपए है। लिस्टिंग के समय इसका मार्केटकैप करीब 11 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता हैय़ शेयर को Hold करें। कम से कम 15 लाख करोड़ रुपए के मार्केटकैप तक इंतजार करें और कम से कम 1 साल का नजरिया रखें, क्योंकि Jio के लिए 'कहानी अभी बाकी है'।
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