Jio Platforms Listing : शानदार लिस्टिंग के बाद आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी टेलीकॉम के दायरे से आगे बढ़कर AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और स्पेस कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में विस्तार करेगी। बता दें कि आज यह स्टॉक 1,358 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ है जो इसके IPO प्राइस से 21 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ ही, यह भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है।
बुधवार को कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश करते हुए, टेलीकॉम कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और स्पेस-आधारित कनेक्टिविटी पर फोकस करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रोमोटेड जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। कंपनी के शेयर 1,358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए,जो इसके IPO इश्यू प्राइस 1,119 रुपये से 21 प्रतिशत अधिक हैं।
12.6 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सेरेमनी में बोलते हुए, आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी का पहला दशक मोबाइल डेटा को आम लोगों तक पहुंचाने और लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी को किफायती बनाने पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि अगले चरण में देश भर में कई तरह की नई तकनीकों को लोगों तक पहुंचाने पर काम किया जाएगा।
जियो का लक्ष्य है एक व्यापक डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म तैयार करना
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो पूरे भारत में अपनी डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने के लिए कनेक्टिविटी, कंप्यूटिंग और AI को एक साथ जोड़ने की योजना पर काम कर रही है,जिसमें क्षेत्रीय भाषाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि जियो यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नई तकनीकें देश के हर हिस्से के लोगों तक पहुंचें,न कि केवल आबादी के एक छोटे से हिस्से तक सीमित रहें। यह रणनीति जियो के मौजूदा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ रहे डिजिटल सर्विस कारोबार पर आधारित है।
जियो विकसित और विकासशील बाजारों की दूसरी ऑपरेटरों के साथ ऐसी साझेदारी करेगी,जिसमें बहुत कम पूंजी निवेश की जरूरत होगी। इन साझेदारियों के जरिए जियो अपनी खुद की टेलीकॉम तकनीक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाई करने की योजना पर काम कर रही है।
आकाश अंबानी ने कहा कि पिछले एक दशक में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में भारत की स्थिति काफी बदल गई है। उन्होंने कहा, "10 साल पहले, दुनिया मुख्य रूप से भारत को टेक्नोलॉजी के एक उपभोक्ता के रूप में देखती थी। आज,भारत इसके निर्माता के रूप में उभर रहा है।" उन्होंने बताया कि जियो के अपने प्लेटफॉर्म अब 54 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। कंपनी के विस्तार की ये योजनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब भारत के सबसे बड़े IPO के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स एक स्वतंत्र रूप से लिस्टेड कंपनी के तौर पर अपना सफर शुरू कर रही है। इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।
अंबानी ने इस लिस्टिंग को जियो के विकास के पहले दशक का समापन नहीं,बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कंपनी तकनीक,सेवा की गुणवत्ता और काम को अंजाम देने की क्षमता पर अपना फोकस जारी रखेगी।
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