Delhivery IPO: लॉजिस्टिक कंपनी डेल्हीवेरी का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) दूसरे दिन दोपहर 3.30 बजे तक 23 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी ने IPO खुलने से एक दिन पहले 64 एंकर निवेशकों से 2,346.7 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके चलते कंपनी का आईपीओ साइज अब 10.75 करोड़ शेयरों से घटकर 6.25 करोड़ शेयरों का हो गया है।
रिटेल निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित शेयरों के हिस्से को 38 फीसदी सबस्क्राइब किया है। वहीं कर्मचारियों ने अपने आरक्षित शेयरों का 12 फीसदी सब्सक्राइब किया है। Delhivery ने कर्मचारियों के लिए 20 करोड़ रुपये शेयर आरक्षित किए हैं और उन्हें यह शेयर इश्यू प्राइस के 25 रुपये के डिस्काउंट पर मिलेंगे।
Delhivery का IPO शुक्रवार 13 मई को बंद हो जाएगा। कंपनी ने अपने IPO के लिए 462 से 487 रुपये का प्राइस बैंड रखा है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित शेयरों का हिस्सा अभी तक 1 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने अपने कोटे के शेयरों को 28 फीसदी सब्सक्राइब किया है।
बाजार जानकारों के मुताबिक, अनलिस्टेड मार्केट में गुरुवार को डेल्हीवेरी के शेयर अपने इश्यू प्राइस पर ही फ्लैट ट्रेड कर रहे हैं। यानी कि डेल्हीवेरी के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी शून्य है। ग्रे मार्केट प्रीमियम बताता है कि अनलिस्टेड मार्केट को आईपीओ के उसके इश्यू प्राइस से कितने रुपये अधिक पर लिस्ट होने की उम्मीद है। डेल्हीवेरी के शेयर 24 मई को बीएसी और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
Delhivery ने आईपीओ के तहत 4,000 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए है। वहीं 1,235 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा शेयरहोल्डरों की तरफ से बिक्री के लिए रखा गया है। इन शेयरहोल्डरों में कार्लाइल ग्रुप और सॉफ्टबैंक के अलावा डेल्हीवेरी के को-फाउंडर्स भी शामिल हैं।
क्या आपको Delhivery IPO में करना चाहिए निवेश?
यस सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा, "यह देश की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती हुई एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी कंपनी बै। इसके पास एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क है। काफी अधिक संख्या में डेटा इंटेलीजेंस और R&D हैं। अनुभवी प्रोफेशनल मैनेजमेंट टीम है। ऐसे में हम इस आईपीओ को लंबी अवधि के हिसाब से सब्सक्राइब करने की सलाह देते हैं।"
हालांकि फिलिप कैपिटल की इस आईपीओ को लेकर अलग राय है। ब्रोकरेज ने एक नोट में कहा, "Delhivery घाटे में चल रही है, इसलिए इसकी कमाई के आधार पर वैल्यू तय करना मुश्किल हो जाता है। वहीं शेयर बाजार में लिस्टेड इसकी दूसरी समकक्ष कंपनियां मुनाफे में हैं, जिनका पीबीटी मार्जिन 1.3% से 15.7% के बीच में है। डेल्हीवेरी के पास अपने आकार का फायदा है और इसका बिजनेस मॉडल फ्लैक्सिबल होने के साथ तकनीक पर आधारित है। हालांकि कीमतों को लेकर संवेदनशील रहने वाले शेयर बाजार में इस मॉडल को परखा जाना अभी बाकी है। कंपनी के मुनाफे की राह में आने में अभी वक्त है। ऐसे में निवेशक भविष्य में इसमें बेहतर कीमत पर पोजिशन लेने के लिए इंतजार कर सकते हैं।"
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