लॉजिस्टिक कंपनी डेल्हीवेरी (Delhivery) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को निवेशकों की तरफ से ठंडी प्रतिक्रिया मिली है। IPO शुक्रवार 13 मई को अपने अंतिम दिन तक 1.63 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों ने अपने आरक्षित शेयरों का सिर्फ 57 फीसदी ही सब्सक्राइब किया। वहीं कर्मचारियों के लिए आरक्षित शेयरों का हिस्सा सिर्फ 27 फीसदी ही सब्सक्राइब हुआ।
Delhivery ने कर्मचारियों के लिए 20 करोड़ रुपये शेयर आरक्षित किए हैं और उन्हें यह शेयर इश्यू प्राइस के 25 रुपये के डिस्काउंट पर मिलेंगे। कंपनी ने अपने IPO के लिए 462 से 487 रुपये का प्राइस बैंड रखा था।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने अपने लिए आरक्षित शेयरों का सिर्फ 30 फीसदी सब्सक्राइब किया। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने अपने लिए आरक्षित शेयरों के हिस्से में करीब 2.66 गुना अधिक बोली लगाई।
Delhivery ने अपने आईपीओ का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित रखा था। वहीं 15 फीसदी हिस्सा NII के लिए और बाकी 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया था।
कंपनी ने IPO खुलने से एक दिन पहले 64 एंकर निवेशकों से 2,346.7 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके चलते कंपनी का आईपीओ साइज 10.75 करोड़ शेयरों से घटकर 6.25 करोड़ शेयरों का हो गया था।
Delhivery अपने IPO के लिए जरिए 5,235 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। इसमें 4,000 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए गए हैं। वहीं 1,235 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा शेयरहोल्डरों की तरफ से बिक्री के लिए रखा गया है। इन शेयरहोल्डरों में कार्लाइल ग्रुप और सॉफ्टबैंक के अलावा डेल्हीवेरी के को-फाउंडर्स भी शामिल हैं।
बाजार जानकारों के मुताबिक, अनलिस्टेड मार्केट में गुरुवार को डेल्हीवेरी के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 10 रुपये नीचे ट्रेड कर रहे थे। यानी कि डेल्हीवेरी के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी -10 रुपये है। ग्रे मार्केट प्रीमियम बताता है कि अनलिस्टेड मार्केट को आईपीओ के उसके इश्यू प्राइस से कितने रुपये अधिक पर लिस्ट होने की उम्मीद है। डेल्हीवेरी के शेयर 24 मई को बीएसी और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।