प्रेम वत्स के निवेश वाली Digit Insurance लाएगी 3500 करोड़ का आईपीओ, सेबी को भेजे डॉक्युमेंट्स

डिजिट एक इंश्योरेंस कंपनी है। यह मोटर, ट्रैवल, फायर और छोटे अमाउंट के इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। इस स्टार्टअप के कुल ग्रॉस रिटेन प्रीमियम में मोटर इंश्योरेंस की आधा से ज्यादा हिस्सेदारी है

अपडेटेड Aug 16, 2022 पर 11:48 AM
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Digit Insurance का आईपीओ करीब 3,500 करोड़ रुपये का हो सकता है।

Digit Insurance आईपीओ पेश करने वाली है। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स सब्मिट कर दिए है। कंपनी इस आईपीओ के तहत 1,250 करोड़ रुपये मूल्य के नए शेयर जारी करेगी, जबकि 10.94 करोड़ शेयर Offer for Sale (OFS) के तहत बेचे जाएंगे। कनाडा के अरबपति इनवेस्टर प्रेम वत्स (Prem Watsa) का डिजिट इंश्योरेंस में निवेश है।

सूत्रों का कहना है कि यह आईपीओ करीब 3,500 करोड़ रुपये का हो सकता है। सेबी को सब्मिट किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, डिजिट इंश्योरेंस के कई शेयरधारक इस आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इनमें प्रमोटर कंपनी Go Digit Infoworks Services Private Limited, निकिता मिहिर वखारिया और मिहिर अतुल वखारिया (संयुक्त रूप से), निकुंज हीरेंद्र शाह और सोहाग हीरेंद्र शाह (संयुक्त रूप से), सुब्रमण्यन वासुदेवन और शांति सुब्रमण्यन (संयुक्त रूप से) शामिल हैं।

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गो डिजिट इंफोवर्क्स सर्विसेज के शेयरधारकों में कंपनी के चेयरमैन और फाउंडर कामेश गोयल, गोयल्स अर्बन वेंचर्स और एफएएल कॉर्पोरेशन शामिल हैं। एफएएल कॉर्पोरेशन प्रेम वत्स की फेयरफैक्स होल्डिंग्स का हिस्सा है।

। डिजिट इंश्योरेंस 2021 की पहली यूनिकॉर्न थी। पिछले साल 44 नए यूनिकॉर्न बने थे।

डिजिट इंश्योरेंस के चेयरमैन एवं फाउंडर कामेश गोयल ने पिछले महीने बताया था कि कंपनी आईपीओ के समय के बारे में फैसला बाजार की स्थितियों को देखकर लेगी। इस साल अक्टूबर में डिजिट पांच साल की हो जाएगी। इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI के मुताबिक, बीमा कंपनी के 5 साल पूरा करने से पहले उसके प्रमोटर अपने शेयर नहीं बेच सकते।

प्रेम वत्स की फेयरफैक्स ने इंडिया में काफी निवेश किया है। इनमें बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आईआईएफएल की कंपनियां, कैथोलिक सीरियन बैंक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और थॉमस कुक इंडिया शामिल हैं। हालांकि, इसने (Fairfax) ने इंडिया में सिर्फ एक स्टार्टअप डिजिट इंश्योरेंस में इनवेस्ट किया है।

डिजिट इंश्योरेंस में फेयरफैक्स के इनवेस्टमेंट की वल्यू अनलॉकिंग के बारे में पूछने पर वत्स ने मनीकंट्रोल के बताया, "कामेश लंबी अवधि के लिहाज से बहुत अच्छी कंपनी तैयार कर रहे हैं। इसलिए कई ऐसे लोग थे, जो अपने अपने एक्स्ट्रा मनी का निवेश इस कंपनी में करना चाहते थे। इसलिए कामेश ऐसा करने में सफल रहे। यह प्राइवेट इक्विटी जैसा नहीं है। यह ऐसी कंपनी है, जिसे हम कामेश की लीडरशिप में लंबी अवधि के लिए तैयार कर रहे हैं। "

डिजिट लाइफ इंश्योरेंस और रीइंश्योरेंस कंपनी भी शुरू करना चाहती है। इसके लिए उसने IRDAI के पास लाइसेंस के लिए अप्लाई किया है। ये दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से काम करेंगी। दोनों नई कंपनियों को खुद फंड जुटाना होगा। उनकी अपनी मैनेजमेंट टीम भी होगी।

डिजिट इश्योरेंस ने 3.5 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के आधार पर 2021 में 28.4 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इस कंपनी में फेयरफैक्स के अलावा सिकोइया कैपिटल इंडिया, ए91 पार्टनर्स, फेयरिंग कैपिटल, टीवीएस कैपिटल और क्रिकेटर विराट कोहली ने भी इनवेस्ट किया है।

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