DreamFolks Services IPO: एयरपोर्ट सर्विस एग्रीगेटर कंपनी ड्रीमफोक्स सर्विसेज का इश्यू 24 अगस्त को खुलने वाला है। कंपनी के IPO का इश्यू प्राइस 308-326 रुपए है। कंपनी का इश्यू 24 अगस्त को खुलेगा और 26 अगस्त को बंद होगा। DreamFolks Services का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। कंपनी के प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी के कामकाज में नहीं किया जाएगा। इश्यू का पूरा पैसा शेयरहोल्डरों और मौजूदा निवेशकों के पास जाएगा।
IPO के तहत प्रमोटर और शेयरहोल्डर कुल 17,242,368 शेयरों की बिक्री के लिए रखेंगे। इसमें से 6,531,200 शेयर मुकेश यादव की तरफ से, 6,531,200 शेयर दिनेश नागपाल की तरफ से और करीब 4,179,968 शेयरों को लिबर्था पीटर कलाट की तरफ से ब्रिकी के लिए रखा जाएगा। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी IPO का साइज 1,000-1,200 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है।
कंपनी ने बताया कि IPO के तहत जारी 75 फीसदी शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) के लिए आरक्षित रहेंगे। वहीं 15 फीसदी शेयर नान-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए, जबकि बाकी 10 फीसदी शेयर रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेंगे।
DreamFolks Services का क्या चल रहा है GMP?
ड्रीमफोक्स सर्विसेज के शेयरों को ग्रे मार्केट में अच्छा भाव मिलता दिख रहा है। अनलिस्टेड मार्केट पर नजर रखने वाले पोर्टल आईपीओ वॉच के मुताबिक, सोमवार को ड्रीमफोक्स सर्विसेज के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम 85 रुपये था। इसका मतलब है कि ड्रीमफोक्स सर्विसेज के शेयर ग्रे मार्केट में उसके 326 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड से 85 रुपये या करीब 25 फीसदी अधिक के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
DreamFolks Services का क्या है कारोबार?
ड्रीमफोक्स सर्विसेज, देश की सबसे बड़ी एयरपोर्ट सर्विसेज एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म में से एक है। यहं कंज्यूमर्स को एयरपोर्ट रिलेटेड सर्विसेज जैसे लाउंज, फूड एंड ब्रेवरेजेस, स्पा, मीट एंड असिस्ट एयरपोर्ट ट्रांसफर, ट्रांजिट होटल्स और सोने के कमरों का एक्सेस के साथ बैगेज ट्रांसफर सर्विसेज मुहैया कराती है।
भारत में नए-नए शहरों में और एयरपोर्ट खोलने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है, इसलिए इस सेगमेंट के बड़ी तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट सर्विसेज का बाजार वित्त वर्ष 2030 तक करीब 5,385 करोड़ रुपये का हो सकती हैं। वहीं साल 2040 तक एयरपोर्ट लाउंज की संख्या बढ़कर 295 तक पहुंच सकती है।
वित्त वर्ष 2017 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 98.7 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2020 में बढ़कर 367 करोड़ रुपये हो गया। इस प्रकार कंपनी ने सालाना 55 फीसदी की कंपाउंडेड ग्रोथ दर्ज की।