DreamFolks Services IPO : सेकेंडरी मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार और Syrms SGS Technology IPO को मिले अच्छे सब्सक्रिप्शन के बाद ड्रीमफोक्स सर्विसेज के IPO को ग्रे मार्केट (grey market) पॉजिटिव रिस्पांस मिल रहा है। एनॉलिस्ट्स ने मनोकंट्रोल को बताया कि एयरपोर्ट सर्विस एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के इक्विटी शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस बैंड के अपर एंड से लगभग 20 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड हो रहा है।
ग्रे मार्केट है एक गैर आधिकारिक प्लेटफॉर्म
आईपीओ शेयरों के लिए ग्रे मार्केट एक गैर आधिकारिक प्लेटफॉर्म है। आम तौर पर कंपनी के प्राइस बैंड के ऐलान के साथ IPO shares में गैर आधिकारिक ट्रेडिंग शुरू होती है और शेयर बाजार में शेयरों की लिस्टिंग तक जारी रहती है।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि एयरपोर्ट सर्विस एग्रीगेटर सेगमेंट में 95 फीसदी मार्केट शेयर के साथ ही कंपनी को सेकेंडरी मार्केट में पॉजिटिव सेंटीमेंट के चलते ग्रे मार्केट में प्रीमियम हासिल हो रहा है। हालांकि अर्निंग्स पर महामारी के असर के चलते वैल्यूएशन ज्यादा नजर आती है।
प्रमोटर्स को मिलेगी कितनी रकम
DreamFolks Services का IPO बुधवार, 24 अगस्त को खुल गया। इसका प्राइस बैंड 308-326 रुपये प्रति शेयर है। जून के निचले स्तरों से इक्विटी मार्केट के रिवाइवल के बाद यह दूसरा आईपीओ है। पिछले हफ्ते Syrma SGS Technology सफलतापूर्वक बंद हो गया था।
आईपीओ पूरी तरह से प्रमोटर्स की तरफ से 1.72 करोड़ इक्विटी शेयरों ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिससे प्रमोटर्स को 562 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस प्रकार, ऑफर से कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा। इसीलिए, इश्यू साइज का 75 फीसदी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व किया गया है। बाकी 10 फीसदी और 15 फीसदी रिटेल और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इश्यू 26 अगस्त को बंद हो जाएगा।
वित्त वर्ष 2017 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 98.7 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2020 में बढ़कर 367 करोड़ रुपये हो गया। इस प्रकार कंपनी ने सालाना 55 फीसदी की कंपाउंडेड ग्रोथ दर्ज की।
सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ की है उम्मीद
टेक्नोलॉजी के जरिए बेहतर अनुभव देते हुए ड्रीमफोक्स सर्विसेज भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट सर्विस एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म बनी हुई है। भारत में नए-नए शहरों में और एयरपोर्ट खोलने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है, इसलिए इस सेगमेंट के बड़ी तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट सर्विसेज का बाजार वित्त वर्ष 2030 तक करीब 5,385 करोड़ रुपये का हो सकती हैं। वहीं साल 2040 तक एयरपोर्ट लाउंज की संख्या बढ़कर 295 तक पहुंच सकती है।