EMS IPO: सीवरेज से जुड़े सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी ईएमएस (EMS) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) खुलने से एक दिन पहले गुरुवार 7 सितंबर को एंकर निवेशकों से करीब 96.37 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी का एंकर इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ और कुल 6 निवेशकों ने इसमें भाग लिया। इन निवेशकों में NAV कैपिटल VCC- NAV कैपिटल इमर्जिंग स्टार फंड, एबक्कस डायवर्सिफाइड अल्फा फंड, सेंट कैपिटल फंड, मेरु इनवेस्टमेंट फंड PCC - CELL 1, बोफा सिक्योरिटीज यूरोप SA - ODI, और मॉर्गन स्टेनली एशिया (सिंगापुर) पीटीई शामिल हैं।
कंपनी ने एक्सचेंजों को भेजी एक सूचना में EMS ने बताया कि उसने मर्चेंट बैंकरों से कंसल्टेंशन के साथ, एंकर निवेशकों को कंपनी के 45,67,476 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। इन शेयरों को 211 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किया गया है।
एंकर निवेशकों को जो शेयर आवंटित किए गए हैं, वो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्से का भाग है। EMS ने अपने आईपीओ का 50 प्रतिशत हिस्सा QIB के लिए आरक्षित रखा है। इस आरक्षित हिस्से का भी 60 प्रतिशत तक एंकर बुक के लिए अलग रखा गया था, जो पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका है।
आईपीओ के बाकी 50 प्रतिशत हिस्से में कंपनी ने 15 प्रतिशत को शेयरों हाई नेट-वर्थ वाले इंडीविजुअल के लिए आरक्षित रखा है, जबकि 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। EMS का IPO शुक्रवार 8 सितंबर को बोली के लिए खुलेगा और 12 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 200 से 211 रुपये प्रति शेयर का इश्यू प्राइस रखा है।
EMS अपने आईपीओ से कुल 321.24 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसमें से 146.24 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए जाएंगे, जबकि बाकी करीब 175 करोड़ रुपये के शेयरों को इसके प्रमोटर रामवीर सिंह की ओर से बिक्री के लिए रखा जाएगा।
कंपनी जो पानी और अपशिष्ट जल संग्रह, उपचार और निपटान सेवाएं प्रदान करती है, शुद्ध ताजा निर्गम आय का उपयोग मुख्य रूप से कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए 101.24 करोड़ रुपये और शेष सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
यह कंपनी पानी, खराब पानी के संग्रह, ट्रीटमेंट और डिस्पोजल से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराती है। कंपनी ने बताया कि नए शेयरों को जारी करने से मिली रकम में से 101.24 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा, जबकि बाकी राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।